भारत की रेंज में आया चीन-पाकिस्तान का हर कोना, क्या है ‘मिशन दिव्यास्त्र’?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मिसाइल की सफल टेस्टिंग के लिए DRDO, भारतीय सेना और अन्य साझेदारों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते खतरे को देखते हुए आने वालों दिनों में इससे देश की रक्षा तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

भारत ने हाल ही में अग्नि मिसाइल के नए वर्जन की टेस्टिंग से अपने दुश्मनों को चेतावनी दे दी है। रक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत ने 'मिशन दिव्यास्त्र' के तहत आधुनिक 'अग्नि-5' मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस है, जो इसे दुनिया की सबसे घातक मिसाइलों में से एक बनाती है। सबसे खास बात यह है कि अब चीन और पाकिस्तान का कोना-कोना भारत की रेंज में आ गए हैं।
बता दें कि अग्नि-5 मिसाइल को डीआरडीओ (DRDO) के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व करने वाली टीम में महिला वैज्ञानिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे देश की सुरक्षा को एक नई मजबूती मिलेगी।
मिशन दिव्यास्त्र पूरी तरह सफल
इस परीक्षण को “मिशन दिव्यास्त्र” नाम दिया गया था। टेस्टिंग ओडिशा में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से की गई। मिशन पूरी तरह सफल रहा और इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास एक ही मिसाइल से कई शहरों को तबाह करने की क्षमता है। भारत अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे उन खास देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास ऑपरेशनल MIRV क्षमता है।
अग्नि 5 की क्या हैं खासियतें?
अग्नि 5 की रेंज 5,000 से 7,000 किलोमीटर तक है। वहीं इसकी रफ्तार ध्वनि की गति से 24 गुना तेज (मैक 24) है। MIRV तकनीक से लैस होने की वजह से यह एक साथ 3 से 6 अलग-अलग ठिकानों पर हमला कर सकता है। इसके अलावा यह रोड-मोबाइल है यानी इसे कहीं भी ले जाकर लॉन्च किया जा सकता है। MIRV ऐसी तकनीक है जिसमें सैकड़ों किलोमीटर दूर अलग-अलग लक्ष्यों को एक ही मिसाइल से हमला किया जा सकता है। इन मिसाइलों को जमीन से, समुद्र से या पनडुब्बी से भी छोड़ा जा सकता है।
चीन और पाकिस्तान रेंज में
अग्नि-5 की मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से भी ज्यादा है, जिसे जरूरत पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है। यानी अब भारत के पास ऐसी ताकत है कि वह देश के किसी भी कोने से बीजिंग सहित पूरे चीन को निशाना बना सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अग्नि-5 के नए संस्करण से पाकिस्तान के सैन्य अड्डों और चीन के सुदूर औद्योगिक केंद्रों को एक साथ नष्ट किया जा सकता है। यह मिसाइल भारत की 'सेकंड स्ट्राइक' क्षमता को मजबूत करती है, यानी अगर कोई भारत पर हमला करता है, तो भारत की जवाबी कार्रवाई इतनी खतरनाक होगी कि दुश्मन संभल नहीं पाएगा।




साइन इन