Central government takes strict action on insult to President Home Secretary seeks reply from Mamata government राष्ट्रपति के अपमान पर केंद्र सख्त, गृह सचिव ने ममता सरकार से पूछे 3 सवाल; 5 बजे तक मांगी रिपोर्ट, India News in Hindi - Hindustan
More

राष्ट्रपति के अपमान पर केंद्र सख्त, गृह सचिव ने ममता सरकार से पूछे 3 सवाल; 5 बजे तक मांगी रिपोर्ट

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने ममता सरकार की कड़ी आलोचना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अभूतपूर्व और शर्मनाक बताते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति का अपमान कर सभी सीमाएं पार कर दी हैं।

Sun, 8 March 2026 12:41 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
राष्ट्रपति के अपमान पर केंद्र सख्त, गृह सचिव ने ममता सरकार से पूछे 3 सवाल; 5 बजे तक मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान हुई प्रोटोकॉल चूक को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आज शाम 5 बजे तक इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति द्वारा शनिवार को दार्जिलिंग जिले में सार्वजनिक रूप से व्यक्त की गई नाराजगी के बाद की गई है। इससे बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है।

गृह मंत्रालय ने मुख्य सचिव से मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। राष्ट्रपति के आगमन पर उनके स्वागत के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया? मुख्यमंत्री या राज्य के मंत्रियों की उपस्थिति होनी चाहिए थी। दार्जिलिंग जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन का स्थान अंतिम समय में क्यों बदला गया? कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं में हुई कथित खामियां।

राष्ट्रपति ने खुद जताई थी नाराजगी

इससे पहले शनिवार यानी 7 मार्च को सिलीगुड़ी के पास आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू भावुक हो गई थीं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्हें रिसीव करने के लिए न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थीं और न ही कोई वरिष्ठ मंत्री। राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से हटाकर गोसाईंपुर किए जाने पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, "मुझे बताया गया कि बिधाननगर में जगह कम है, लेकिन जब मैं वहां गई तो देखा कि वह 5 लाख लोगों के लिए पर्याप्त था। मुझे समझ नहीं आता कि प्रशासन ने कार्यक्रम को इतनी दूर क्यों कर दिया, जिससे संथाल समुदाय के लोगों को पहुंचने में दिक्कत हुई।"

प्रधानमंत्री ने बताया शर्मनाक

इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने ममता सरकार की कड़ी आलोचना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे अभूतपूर्व और शर्मनाक बताते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति का अपमान कर सभी सीमाएं पार कर दी हैं। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राष्ट्रपति को भाजपा के इशारे पर राजनीति में घसीटा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन ने शेयर किए गए 'लाइन-अप' के अनुसार ही राष्ट्रपति का स्वागत किया था और उस समय वे कोलकाता में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ धरने पर बैठी थीं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:बंगाल में कार्यक्रम स्थल बदलने पर राष्ट्रपति ने उठाए सवाल, ममता सरकार पर बरसे PM
ये भी पढ़ें:JNU प्रोफेसर ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा पत्र, यूनिवर्सिटी के लिए कर दी ये मांग
ये भी पढ़ें:भाजपा इतना नीचे गिर गई कि बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति का इस्तेमाल कर रही: ममता

गृह सचिव द्वारा मांगी गई यह रिपोर्ट आज शाम तक सौंपनी अनिवार्य है। यदि रिपोर्ट में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक टकराव और बढ़ सकता है। विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस मुद्दे ने बंगाल की राजनीति में 'आदिवासी अस्मिता' और 'संवैधानिक मर्यादा' की बहस को केंद्र में ला दिया है।