CBI takes action in NEET UG paper leak case, arrests five so far search operation continues NEET UG पेपर लीक मामले में ऐक्शन में CBI, अब तक पांच गिरफ्तार, तलाशी अभियान जारी, India News in Hindi - Hindustan
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NEET UG पेपर लीक मामले में ऐक्शन में CBI, अब तक पांच गिरफ्तार, तलाशी अभियान जारी

NEET UG पेपर लीक मामले में  सीबीआई लगातार ऐक्शन में है। एजेंसी ने इस मामले में अब तक 5 मास्टरमाइंड्स को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक महाराष्ट्र का है, जबकि तीन जयपुर और एक गुरुग्राम का है। दर्जनों जगहों पर तलाशी जारी हैं।

Wed, 13 May 2026 07:00 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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NEET UG पेपर लीक मामले में ऐक्शन में CBI, अब तक पांच गिरफ्तार, तलाशी अभियान जारी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा करवाए जाने वाली मेडीकल भर्ती परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले में सीबीआई ऐक्शन में है। मंगलवार और बुधवार को चलाए गए अभियान में सीबीआई ने इस मामले में 5 मास्टरमाइंड्स को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपी जयपुर से हैं, एक गुरुग्राम से है, जबकि एक नासिक से है। इसके अलावा दर्जनों अन्य संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।

नीट-यूजी पेपर रद्द करने के बाद एनटीए की सूचना पर सरकार ने इस केस को सीबीआई को सौंप दिया था। सरकार की तरफ से मिली लिखित शिकायत के आधार पर एजेंसी ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक नीट यूजी का पेपर सबसे पहले नासिक निवासी सुभम खैरनार को मिला था। इसने यहां से 15 लाख में पेपर का सौदा हरियाणा के एक व्यक्ति से किया। इसके बाद यह पेपर हरियाणा, राजस्थान, केरल और जम्मू कश्मीर समेत कई इलाकों में फैल गया।

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मेडीकल छात्रों के बीच में गेस पेपर के रूप में घूम रहे इस पेपर की सबसे पहली जानकारी राजस्थान से सामने आई थी। यहां पर एक पीजी संचालक के केरल में पढ़ने वाले बेटे ने अपने पिता को यह पेपर पीडीएफ फॉर्म में भेजा था। एग्जाम के बाद जब इसे केमिस्ट्री और बायोलॉजी के टीचर्स को भेजा गया जहां सामने आया कि केमिस्ट्री के 108 में से 45 सवाल और बायोलॉजी के 204 में 90 सवाल उस कथित गेस पेपर से मेल खा रहे थे।

सूत्रों ने दावा किया कि सीकर के कुछ कोचिंग संस्थानों ने चुनिंदा छात्रों को इन तथाकथित गेस पेपर के आधार पर NEET-UG की तैयारी करने के लिए कहा था, जबकि कुछ अभ्यर्थियों को पीडीएफ कॉपी दी गई। मामला सामने आने पर कुछ शिक्षकों ने प्रारंभ में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि सीकर पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद में उन्होंने NTA को ईमेल किया, जिसने कथित तौर पर खुफिया ब्यूरो (IB) को सूचित किया। इसके बाद IB ने राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) को मामले की जांच का निर्देश दिया। जांच में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ है।