Came alone have to die alone West Bengal former CM Mamata Banerjee pens a poem titled Brave for TMC अकेले आए थे, अकेले ही मरना है… बंगाल में हार के बाद ऐसा क्यों कर रहीं ममता बनर्जी? शेयर की अपनी लिखी कविता, India News in Hindi - Hindustan
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अकेले आए थे, अकेले ही मरना है… बंगाल में हार के बाद ऐसा क्यों कर रहीं ममता बनर्जी? शेयर की अपनी लिखी कविता

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के साथ ही 15 साल बाद ममता बनर्जी का शासन खत्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस इस बार बहुमत से काफी दूर रह गई। इसके बाद अब ममता बनर्जी ने एक कविता पोस्ट की है।

Wed, 13 May 2026 07:57 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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अकेले आए थे, अकेले ही मरना है… बंगाल में हार के बाद ऐसा क्यों कर रहीं ममता बनर्जी? शेयर की अपनी लिखी कविता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की बड़ी हार और सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब एक अलग ही अंदाज में नजर आ रही हैं। मंगलवार को ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक खास कविता शेयर की है। इस कविता का शीर्षक है ब्रेव यानी बहादुर। कविता के जरिए उन्होंने हार से निराश अपने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश के साथ यह भी सीख दी है कि इस दुनिया में लोग अकेले ही आते हैं और उन्हें अकेले ही इस दुनिया से रुखसत भी करना पड़ता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कविता में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी कविता के जरिए संदेश दिया है कि असली ताकत इंसान के भीतर होती है। उन्होंने कविता के जरिए लिखा, “बहादुर और मजबूत बनो। अगर आपको खुद पर भरोसा है, तो कोई आपको दुनिया की कोई ताकत छू नहीं सकती। आपकी ताकत आपके भीतर है, इसे गरिमा के साथ बनाए रखें। कायर हमेशा कायर ही रहेंगे, लेकिन मजबूत लोग हमेशा टिके रहते हैं। मुश्किलों का सामना हमेशा मुस्कुराहट के साथ करें, आपकी मुस्कान ही आपकी शक्ति है।”

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वहीं हार के बाद कार्यकर्ताओं के मनोबल बढ़ाने की कोशिश करते हुए ममता ने आगे लिखा, "जब आप पैदा हुए थे, तब अकेले आए थे और जब मरेंगे तब भी अकेले ही जाना होगा। आपका अच्छा काम हमेशा जीवित रहेगा।" उन्होंने लिखा, “अपने अच्छे कामों पर भरोसा रखें। बुराई ज्यादा देर नहीं टिक सकती। दिल छोटा न करें, अंत में जीत आपकी ही होगी। बस यह विश्वास बनाए रखें।”

ममता बनर्जी
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विधानसभा चुनाव में हार

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जबरदस्त जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और अधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर बोलना शुरू कर दिया है। तृणमूल ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कोहिनूर मजूमदार, रिजु दत्ता और कार्तिक घोष सहित कई प्रवक्ताओं को छह साल के लिए निलंबित भी कर दिया है। इसके बाद टीएमसी खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है। ऐसे में ममता बनर्जी की यह कविता पार्टी को एकजुट रखने की एक कोशिश भी है।

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80 सीट ही जीत सकी तृणमूल कांग्रेस

बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी 293 सीटों में से सिर्फ 80 सीटें ही जीत पाई। वहीं भाजपा ने 207 सीटें जीती। ममता बनर्जी के लिए यह एक बड़ा झटका था। पार्टी के बड़े-बड़े दिग्गज नेता और वरिष्ठ मंत्री भी चुनाव हार गए। इस हार के बाद उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए इस्तीफा देने से भी इनकार कर दिया था। हालांकि राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी, जिसके बाद भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है।