Goa Police drag MLA viresh borkar out of office after overnight ruckus रात भर चले हंगामे के बाद पुलिस ने विधायक को घसीटकर बाहर निकाला, एक्शन पर उठे सवाल, India News in Hindi - Hindustan
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रात भर चले हंगामे के बाद पुलिस ने विधायक को घसीटकर बाहर निकाला, एक्शन पर उठे सवाल

पुलिस की एक टीम शनिवार सुबह कार्यालय पहुंची और विधायक बोरकर को अन्य लोगों के साथ वहां से घसीटकर ले गई। पुलिसकर्मियों को विधायक को मौके से उठाते और कार्यालय से बाहर लाते हुए देखा गया।

Sat, 21 Feb 2026 08:51 PMNiteesh Kumar भाषा
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रात भर चले हंगामे के बाद पुलिस ने विधायक को घसीटकर बाहर निकाला, एक्शन पर उठे सवाल

वन भूमि को बंदोबस्ती क्षेत्र में परिवर्तित करने के विरोध में रेवोल्यूश्नरी गोवा पार्टी के विधायक वीरेश बोरकर ने रात भर प्रदर्शन किया। शनिवार सुबह गोवा पुलिस ने MLA और कई अन्य लोगों को नगर व ग्राम नियोजन विभाग कार्यालय से घसीटकर बाहर निकाल दिया। विधायक ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आवेदन दाखिल किया। पुलिस कार्रवाई के बाद विधायक और ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए एक अलग जगह चुनी, जबकि नगर और ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने प्रदर्शनकारियों को ब्लैकमेलर बताते हुए आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया।

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प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उत्तरी गोवा के सेंट आंद्रे विधानसभा क्षेत्र के पालेम-सिरीदाओ गांव में 84 हजार वर्ग मीटर जमीन को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने अधिनियम की धारा 39-ए का दुरुपयोग करते हुए गैर-बस्ती क्षेत्र से बस्ती क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया। शुक्रवार को गांव के निवासी विरोध प्रदर्शन करने के लिए विभाग के कार्यालय तक मार्च करते हुए पहुंचे। लगभग 100 ग्रामीण आदेश को तत्काल रद्द करने की अपनी मांग को लेकर रात भर वहीं रुके रहे। प्रदर्शनकारियों में अधिकतर महिलाएं थीं।

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पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप

पुलिस की एक टीम शनिवार सुबह कार्यालय पहुंची और विधायक बोरकर को अन्य लोगों के साथ वहां से घसीटकर ले गई। पुलिसकर्मियों को विधायक को मौके से उठाते और कार्यालय से बाहर लाते हुए देखा गया। विधायक ने इस कार्रवाई के बारे में कहा, 'इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। विधायक होने के नाते, मेरे साथ पुलिस इस तरह का दुर्व्यवहार नहीं कर सकती क्योंकि राज्यपाल पहले ही विधानसभा सत्र की घोषणा कर चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना मेरे खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।'

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विशेषाधिकार हनन का आवेदन दाखिल

राज्य विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से शुरू होने वाला है। बोरकर ने विरोध जारी रहने के बाद दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का आवेदन दाखिल किया। उन्होंने कहा, 'मैंने अध्यक्ष से फोन पर बात की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उन्हें पुलिस कार्रवाई के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी।' विपक्ष के नेता यूरी अलेमाओ, आम आदमी पार्टी के विधायक वेंजी विएगास, गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सुनील कावथंकर, AAP की गोवा इकाई के पूर्व अध्यक्ष अमित पालेकर समेत कई अन्य नेताओं ने बोरकर का समर्थन किया। वे आजाद मैदान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों की क्या है मांग

बोरकर ने भूमि उपयोग योजना को रद्द करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। मंत्री राणे ने विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार भूमि उपयोग आदेश को रद्द नहीं करेगी। मंत्री ने शनिवार को सत्तारी तालुका में पत्रकारों से कहा, 'उन्हें (प्रदर्शनकारियों को) कार्यालय में सोने दीजिए। हम इसे रद्द नहीं करेंगे। वे ब्लैकमेलर हैं।' गोवा में बंदोबस्ती क्षेत्र एक विशिष्ट भूमि वर्गीकरण को संदर्भित करता है। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां आवासीय या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए निर्माण की इजाजत होती है।