Baramulla MP Sheikh Abdul Rashid granted interim bail following father demise शर्तों के साथ जमानत; पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे इंजीनियर रशीद, लेकिन..., India News in Hindi - Hindustan
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शर्तों के साथ जमानत; पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे इंजीनियर रशीद, लेकिन...

टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को अंतरिम जमानत मिल गई है। यह अंतरिम जमानत दो जून तक के लिए है। बारामूला के सांसद को उनके पिता के निधन के बाद जमानत दी गई है।

Mon, 18 May 2026 03:15 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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शर्तों के साथ जमानत; पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे इंजीनियर रशीद, लेकिन...

टेरर फंडिंग केस में जेल में बंद सांसद शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद को अंतरिम जमानत मिल गई है। यह अंतरिम जमानत दो जून तक के लिए है। बारामूला के सांसद को उनके पिता के निधन के बाद जमानत दी गई है। हालांकि इस जमानत में दिल्ली हाई कोर्ट ने कई शर्तें भी लगा रखी हैं। रशीद के पिता खाजिर शेख (85) लंबी बीमारी से जूझ रहे थे। पहले उनका इलाज श्रीनगर के चेस्ट डिजीज अस्पताल में चल रहा था। बाद में उन्हें एसएमएचएस अस्पताल ले जाया गया और फिर विशेष उपचार के लिए एम्स रेफर किया गया था।

यह शर्तें लगाई गई हैं
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच इंजीनियर रशीद को कुछ शर्तों के साथ जमानत दी है। बेंच ने कहाकि अंतरिम जमानत अवधि के दौरान, कम से कम दो पुलिस अधिकारी सादे कपड़ों में हमेशा रशीद के साथ रहेंगे। यह भी कहा गया है कि यह पुलिस अधिकारी तिहाड़ जेल से लेकर श्रीनगर से वापसी तक रशीद के साथ रहेंगे। बेंच ने आदेश दिया कि रशीद को कब्रिस्तान या किसी अन्य उपासना स्थल पर जाने की अनुमति होगी, लेकिन उन्हें कहीं और जाने की अनुमति नहीं होगी।

इस आधार पर रशीद ने मांगी थी जमानत
बता दें कि रशीद ने इस आधार पर अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था कि एम्स में उपचाराधीन उनके पिता का रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को निधन हो गया। उन्होंने कहाकि अंतिम संस्कार करने, पारंपरिक रीति-रिवाजों को पूरा करने के लिए अंतरिम जमानत आवश्यक है। अदालत ने आदेश दियाकि तदनुसार, याचिकाकर्ता के पिता के निधन के कारण, याचिकाकर्ता को 2 जून, 2026 तक अंतरिम जमानत दी जाती है।

रशीद पर क्या हैं आरोप
रशीद को इंजीनियर रशीद के नाम से भी जाना जाता है। रशीद टेरर फंडिंग मामले में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। उन पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को वित्त पोषित करने के आरोप है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा 2017 के मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद से उन्हें 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है। रशीद ने जेल में रहते हुए लोकसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी।

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अक्टूबर 2019 में उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर होने के बाद, एक विशेष एनआईए अदालत ने मार्च 2022 में रशीद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 124ए (राजद्रोह) और कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोप तय किए थे।