पीएम मोदी को अपना 56 इंच का सीना याद आया, लेकिन ईरान पर हमले की निंदा नहीं की: ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी को ट्रंप और नेतन्याहू के साथ बैठने की बजाय अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि भारत पिछले 80 वर्षों से तटस्थ रहा है और हमेशा फिलिस्तीनियों का समर्थन करता आया है।

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले की निंदा करनी चाहिए। उन्होंने पीएम मोदी पर आरोप लगाया कि वे इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत की पारंपरिक तटस्थ नीति का पालन नहीं कर रहे हैं। मक्का मस्जिद में सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की, लेकिन यह सिर्फ गैस और पेट्रोल के मुद्दे पर था, जबकि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई शिया समुदाय के नेता थे।
असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा कि पीएम मोदी को अचानक अपना 56 इंच का सीना याद आ गया, लेकिन हमले की निंदा नहीं की। ओवैसी ने पूछा कि भारत ऐसा क्यों कर रहा है और मोदी को ईरान पर हमले, साथ ही दोहा, दुबई, बहरीन और कुवैत में हुई घटनाओं की भी निंदा करनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि पीएम मोदी को ट्रंप और नेतन्याहू के साथ बैठने की बजाय अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि भारत पिछले 80 वर्षों से तटस्थ रहा है और हमेशा फिलिस्तीनियों का समर्थन करता आया है। उन्होंने मांग की कि मोदी को 10 दिन पहले ही फोन करके हमले को रोकने की अपील करनी चाहिए थी, क्योंकि किसी दूसरे देश पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
इस्लाम मानने वालों को बांटने की साजिश
ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर भारत के हमलों का समर्थन किया था, लेकिन उन्होंने ट्रंप और नेतन्याहू पर बातचीत के दौरान ईरान पर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे इस्लाम के अनुयायियों को बांटने की साजिश बताया। ओवैसी ने दावा किया कि हमले शुरू होने से दो दिन पहले मोदी इजरायल गए थे, क्योंकि नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गए थे। उन्होंने कहा कि PM मोदी को दिया गया पुरस्कार इजरायल की संसद में मौजूद नहीं है, जो अपमान की बात है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हिंदू कानून को मुसलमानों पर थोपा नहीं जा सकता। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में मुसलमानों के खिलाफ नफरत और हिंसा की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी में मुसलमानों के घरों को ध्वस्त किया गया है। ओवैसी ने जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की धमकी या हमला बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा होनी चाहिए।




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