'आप कह सकते थे कि हमास गलत है', इजरायली संसद में PM मोदी के संबोधन पर ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 25 फरवरी, 1994 को एक यहूदी आतंकवादी ने मस्जिद में गोलीबारी की, जिसमें 29 फिलिस्तीनी शहीद हो गए। 125 लोग घायल हुए। उन्होंने सवाल किया, ‘क्या पीएम मोदी को यह घटना याद नहीं आई?’

AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे पर निशाना साधा है। शुक्रवार को उन्होंने कहा, 'यह गलत है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने इजरायल का दौरा किया और वहां इजरायल की संसद में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि भारत इजरायल के साथ खड़ा है। आपको अपने संबोधन में यह कह सकते थे कि हमास गलत है।'
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 25 फरवरी, 1994 को एक यहूदी आतंकवादी ने मस्जिद में गोलीबारी की, जिसमें 29 फिलिस्तीनी शहीद हो गए। 125 लोग घायल हुए। उन्होंने कहा, 'क्या पीएम मोदी को यह घटना याद नहीं आई? प्रधानमंत्री ने कहा कि आप आतंकवाद के खिलाफ हैं। मगर, आपने हमास के खिलाफ नहीं बोला। आप बोल सकते थे कि हमास ने गलत किया।'
आतंकवाद को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर इजरायल पहुंचे। 9 वर्षों में यह उनका इजरायल का दूसरा दौरा है। अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि भारत और इजरायल का यह एक साझा मत है कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। दोनों पक्ष आतंकवाद व उसके समर्थकों का मुकाबला करने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा, 'हमारा रिश्ता गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनशीलता की मजबूत नींव पर टिका है। हमारा बंधन समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि इजरायल में UPI के उपयोग के लिए एक समझौता हो गया है।' प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खतरे का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और इजराइल इस खतरे का एकजुट होकर सामना करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट हैं कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में, आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हम आतंकवाद और उसके समर्थकों का विरोध करने में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं। हम ऐसा करना जारी रखेंगे।




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