नरेंद्र भाई से तब पहली बार मिला, शिवराज सिंह चौहान ने बताया कहां हुई मुलाकात; लाल चौक पर क्या हुआ था
शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर नायडू ने केंद्रीय कृषि मंत्री को जमीनी स्तर का नेता बताया जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने 17 वर्षों के कार्यकाल के दौरान 'बेदाग' रहे। इस पुस्तक में चौहान ने मोदी के साथ अपने लंबे संबंधों का वर्णन किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनुभवों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की लिखी किताब अपनापन लॉन्च हो चुकी है। मंगलवार को इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ हुई अपनी पहली मुलाकात का भी किस्सा सुनाया। साथ ही बताया कि जब श्रीनगर के लाल चौक पर झंडा फहराने के बाद मोदी कार्यकर्ताओं को याद कर रोने लगे थे।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा, '...आतंकवाद चरम पर था। कश्मीर के लाल चौक पर कोई तिरंगा फहराने की कोई कल्पना नहीं कर सकता था। डॉक्टर जोशी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा झंडा फहरेगा। पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक कर दिया जाएगा। देशभक्ति का ज्वार उठाया जाएगा।'
नरेंद्र मोदी को मिला रैली का जिम्मा
उन्होंने कहा, 'उस यात्रा को संचालित करने का काम नरेंद्र मोदी जी को मिला। उस समय मैं लोकसभा का उपचुनाव जीत ही था। मेरे पास स्वर्गीय प्रमोद जी का फोन आया कि एकता यात्रा से युवाओं को जोड़ने के लिए केसरिया वाहिनी बना रहे हैं, तुम उसके संयोजक के रूप में काम करो। तब मेरी पहली मुलाकात हुई नरेंद्र भाई से।'
भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुआ था हमला
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, '...उन्होंने कहा था कि तिरंगा सिर्फ लाल चौक पर नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के जन जन के मन में फहरे, ऐसा प्रयास किया जाएगा। ...मुझे याद है 23 जनवरी को फगवाड़ा में आतंकवादियों ने एकता यात्रा में कार्यकर्ताओं को लेकर जा रही बस में हमला कर दिया। 6 कार्यकर्ता शहीद हो गए। लोगों ने सोचा कि यात्रा रुक जाएगी।'
आतंकवादियों ने दी थी चेतावनी
उन्होंने कहा, 'श्रीनगर के लाल चौक पर पोस्टर चिपकाए गए, दीवारों पर लिखा गया कि आओ किसको अपनी मां ने दूध पिलाया है। श्रीनगर के लाल चौक पर आओ, तिरंगा झंडा फहराओ, अगर जिंदा वापस लौट गए तो आतंकवादी इनाम देंगे। तब नरेंद्र भाई ने कहा था कि लाल चौक पर फैसला हो जाएगा कि किसकी मां ने दूध पिलाया है।'
उन्होंने कहा, 'तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने यात्रा को रोकने की कोशिश की। समझाने की कोशिश की थी कि लाल चौक नहीं जा सकते। बाद में तय हुआ कि सभी नहीं जाएंगे, बाकी यात्रा रोकेंगे और डॉक्टर जोशी, नरेंद्र भाई और तीन लोग और जाएंगे। श्रीनगर के लाल चौक पर डॉक्टर जोशी और नरेंद्र भाई ने तिरंगा फहराया।'
रोने लगे थे पीएम मोदी
चौहान ने कहा, 'जब लौट कर आए नरेंद्र भाई, तो उस समय जम्मू में लाखों कार्यकर्ता इकट्ठा थे। देशभक्ति के भाव से भरे हुए। वो कार्यकर्ता भी पहुंच नहीं पाए थे, जो एकता यात्रा के संयोजन में लगे हुए थे। ...नरेंद्र भाई ने यह भी कहा कि कई कार्यकर्ता जो दिन और रात काम में लगे हुए थे, केवल एक संकल्प और सपना था कि लाल चौक पर तिरंगा फहराते हुए देंगे, वो वहां नहीं पहुंच पाए। वो रात भर सोए नहीं और रोते रहे और ये कहते-कहते नरेंद्र भाई का गला रूंध गया।'
चौहान की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर नायडू ने केंद्रीय कृषि मंत्री को जमीनी स्तर का नेता बताया जो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने 17 वर्षों के कार्यकाल के दौरान 'बेदाग' रहे। इस पुस्तक में चौहान ने मोदी के साथ अपने लंबे संबंधों का वर्णन किया है।




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