Amid mamata banerjee India Alliance meeting Trinamool Congress Rebel 10 MPs Secret meeting with BJP Leaders in Delhi INDIA गठबंधन की बैठक में बिजी थीं ममता; उधर, TMC के 10 सांसद पहुंच गए केंद्रीय मंत्री के घर: कौन-कौन थे शामिल, India News in Hindi - Hindustan
More

INDIA गठबंधन की बैठक में बिजी थीं ममता; उधर, TMC के 10 सांसद पहुंच गए केंद्रीय मंत्री के घर: कौन-कौन थे शामिल

ममता बनर्जी सोमवार को जहां विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं की बैठक में शामिल हुईं वहीं ऐसी खबरें आईं कि करीब एक दर्जन असंतुष्ट तृणमूल कांग्रेस सांसद केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पश्चिम बंगाल चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास पर इकट्ठे हुए।

Mon, 8 June 2026 04:59 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share
INDIA गठबंधन की बैठक में बिजी थीं ममता; उधर, TMC के 10 सांसद पहुंच गए केंद्रीय मंत्री के घर: कौन-कौन थे शामिल

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष ममता बनर्जी आज (सोमवार, 8 जून को) जब दिल्ली में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ बैठक कर बीजेपी को घेरने की रणनीति बनाने में जुटी थीं, ठीक उसी समय उनकी अपनी ही पार्टी TMC में सांसद बगावत की एक नई कहानी लिख रहे थे। दरअसल, इंडिया गठबंधन की बैठक वाली जगह से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर ही TMC के दस सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मोतीलाल नेहरू मार्ग स्थित आवास पर जा पहुंचे, जहां उन लोगों ने गुप्त बैठक की।

गुप्त बैठक में कौन-कौन शामिल?

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री और बंगाल राज्य के भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर हुई इस गुप्त बैठक में TMC सांसद शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार, प्रसून बनर्जी, अबू ताहेर खान और शर्मिला सरकार शामिल थे। इनके अलावा, पार्टी से इस्तीफा दे चुके सांसद सुखेंदु शेखर रॉय और विधायक अखरुज्जमां भी वहां मौजूद थे। आधिकारिक काम से राष्ट्रीय राजधानी आए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देब, जो हाल में हुए पश्चिम बंगाल चुनावों के लिए भाजपा के सह-प्रभारी थे, भी यादव के घर थोड़ी देर के लिए गए थे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:TMC में भूचाल, 20 बागी MP ने ओम बिरला को सौंपा पत्र; NDA में शामिल होने की इच्छा

'असली तृणमूल' होने का दावा

इस बगावत ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब बागी सांसद शर्मिला सरकार ने घोषणा की, "हम 20 सांसदों का एक अलग गुट बना रहे हैं और एनडीए (NDA) को समर्थन देने जा रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि काकोली घोष दस्तीदार इस नए गुट की मुख्य सचेतक (Chief Whip) होंगी और शताब्दी रॉय उप नेता। ये बागी नेता कल लोकसभा अध्यक्ष को सूचित करने वाले हैं कि वे ही 'असली तृणमूल' हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:INDI गठबंधन की बैठक में सोनिया ने ममता को लगाया गले; खरगे ने समझा दी रणनीति

'दीदी' से सिर्फ 'ममता' तक का सफर

पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का आलम यह है कि जो नेता दशकों से ममता बनर्जी को 'दीदी' कहते थे, वे अब उन्हें उनके नाम से संबोधित करने लगे हैं। इसे ममता बनर्जी के सियासी कद में आई कमी के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के 80 में से लगभग 60 विधायक भी विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:TMC के 'पुष्पा' जहांगीर खान गिरफ्तार, STF ने नेपाल सीमा पर पकड़ा; क्यों ऐक्शन

चुनाव हारने के बाद बढ़ा तनाव

दरअसल, TMC में ये सबकुछ अचानक नहीं हुआ बल्कि बंगाल विधानसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार के बाद की स्थितियां हैं। चुनावी हार के बाद से ही टीएमसी के भीतर हलचल मची हुई थी। हाल ही में एक वरिष्ठ टीएमसी सांसद ने मुंबई से कोलकाता जाते समय दिल्ली में अचानक 'लेओवर' लिया और चुपचाप बीजेपी खेमे से मुलाकात की। फोन बंद होने और संपर्क टूटने की इन घटनाओं ने अब एक बड़े राजनीतिक उलटफेर की शक्ल ले ली है। अब सबकी नजरें कल होने वाली लोकसभा अध्यक्ष की बैठक पर टिकी हैं, जहाँ टीएमसी का भविष्य तय हो सकता है।