Big Political Breaking Sukhendu Sekhar Roy resigns as TMC faces major setback 14 MPs meet Suvendu Adhikari ममता की TMC में भूचाल, 20 बागी सांसदों ने ओम बिरला को सौंपा पत्र; NDA में शामिल होने की इच्छा, India News in Hindi - Hindustan
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ममता की TMC में भूचाल, 20 बागी सांसदों ने ओम बिरला को सौंपा पत्र; NDA में शामिल होने की इच्छा

Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। ममता बनर्जी के विधायकों पर अपनी पकड़ खोने के बाद अब पार्टी के संसदीय दल में भी बड़े झटके लगने शुरू हो गए हैं।

Mon, 8 June 2026 02:40 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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ममता की TMC में भूचाल, 20 बागी सांसदों ने ओम बिरला को सौंपा पत्र; NDA में शामिल होने की इच्छा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में तीखी उथल-पुथल मच गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को अचानक पार्टी की प्राथमिक सदस्यता तथा राज्यसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया। इस अप्रत्याशित कदम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। इस्तीफे के तुरंत बाद दिल्ली में TMC के करीब 14 बागी लोकसभा सांसदों ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस अहम सियासी बैठक के बाद दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्म हो गया है। अब खबर है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के समक्ष एक नई मांग लेकर पहुंचे हैं। TMC सांसदों के एक समूह ने स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी को अलग संसदीय दल (ब्लॉक) का दर्जा देने और इसके अनुरूप अलग-अलग सीटों का आवंटन करने की मांग की है। साथ ही एनडीए में शामिल होने की इच्छा भी जाहिर की है।

दूसरी ओर सुखेन्दु शेखर रॉय के सांसद पद और पार्टी सदस्यता, दोनों से इस्तीफे के तुरंत बाद एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें कम से कम पांच टीएमसी सांसद उनके साथ दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि उस बैठक में शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व), प्रसून बनर्जी (हावड़ा) जगदीश बसुनिया (कूचबिहार), कालिपद सोरेन (झारग्राम) और अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा) थे। यहां आपको बता दें कि सुखेंदु शेखर रॉय पिछले एक दशक से ज्यादा समय से राज्यसभा में TMC के प्रमुख चेहरे रहे हैं।

बता दें कि यह नया घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के विधायक दल के विद्रोह के महज कुछ दिन बाद आया है। हाल ही में 58 तृणमूल विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया और आधिकारिक उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय को खारिज कर दिया था। विधानसभा अध्यक्ष ने ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी। इस घटना ने विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर गहरी दरारों को उजागर कर दिया था।

इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्र बताते हैं कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में एक नई ताकत उभर रही है, जो TMC के असंतुष्ट नेताओं को एकजुट करने की कोशिश में जुटी हुई है। अगर ये 14 सांसद औपचारिक रूप से बगावत कर देते हैं तो लोकसभा में TMC की ताकत भारी रूप से कम हो जाएगी।

हालांकि अभी तक इस प्रकरण पर ममता बनर्जी या पार्टी आलाकमान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही हैं और जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं।