All efforts were reversed, and poverty returned PM Modi cursed Covid and war किए धरे पर फिर गया पानी, फिर लौट आई भयंकर गरीबी; पीएम मोदी ने कोविड और युद्ध को कोसा, India News in Hindi - Hindustan
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किए धरे पर फिर गया पानी, फिर लौट आई भयंकर गरीबी; पीएम मोदी ने कोविड और युद्ध को कोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दशक विनाशक साबित हो रहा है। पहले कोरोना महामारी और अब युद्ध की वजह से दुनिया गरीबी में जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट विकराल ही रूप लेता जा रहा है। 

Sun, 17 May 2026 08:00 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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किए धरे पर फिर गया पानी, फिर लौट आई भयंकर गरीबी; पीएम मोदी ने कोविड और युद्ध को कोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र ने इस इस समय को तबाही का दशक घोषित करते हुए बड़ी बात कह दी है। शनिवार को नीदरलैंड्स में भारतीयों से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड और मध्य एशिया में छिड़े युद्ध ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया और दुनिया एक बार फिर गरीबी के गड्ढे में जा गिरी। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े संकट से जूझ रही है। पीएम मोदी इस समय पांच देशों के दौरे पर हैं। यूएई के बाद वह नीदरलैंड्स पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि, विश्व के सामने अब नई चुनौतियां हैं और इनसे निपटना आसान नहीं है।

पहले कोरोना फिर युद्ध ने मचाई तबाही

पीएम मोदीने कहा कि यह दशक प्रलयंकारी साबित हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो बीते कई दशकों के काम पर पानी फिर जाएगा और दुनिया का एक बड़ा हिस्सा गरीब हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोगों को पहले ही सावधान कर चुके हैं। उन्होंने लोगों से पेट्रोल और डीजल के कम इस्तेमाल की सलाह दी है। पीएम मोदी ने सरकारी खर्च पर भी नियंत्रण करने के निर्देश दे दिए हैं।

पीएम मोदी की लोगों को सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों हैदराबाद में कहा था कि लोगों को जितना हो सके वर्क फ्रॉम होम करना चाहिए और आना जाना कम कर देना चाहिए। इसके अलावा कम से कम एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए ताकि विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी मुद्रा को बचाना भी एक तरह की देशभक्ति है। इसके अलावा आने-जाने के लिए कार पूल करें और खेतों में उर्वरकों का इस्तेमाल भी कम करें। प्रधानमंत्री ने कहा था कि लोगों को एसी का भी इस्तेमाल कर देना चाहिए जिससे ऊर्जा संकट से निपटा जा सके।

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पेट्रोल डीजल में लगी आग

देश में पिछले चार साल से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजापा नहीं हुआ था। हालांकि ईरान संकट की वजह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि कर दी गई है। इसके साथ ही राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये का और डीजल 90.67 रुपये का हो गया है। जानकारों का कहना है कि इस वृद्धि का असर सीधा-सीधा आपकी रसोईऔर रोजमर्रा की जिंदगी पर होने वाला है। अमूल कंपनी ने अपने दूध की कीमत में भी वृद्धि की है।

ऊर्जा संकट से निपटने का प्रयास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि व्यापार और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा उनसे भारत में निवेश करने का आह्वान किया।

उद्योग नेताओं ने तीन समूहों - सेमीकंडक्टर, प्रौद्योगिकी और नवाचार; अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और समुद्री क्षेत्र; तथा स्थिरता, ऊर्जा और कृषि - पर प्रस्तुतियाँ दीं और भारत के लिए अपनी रणनीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक से पहले नीदरलैंड की एएसएमएल और भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक समझौते पर दोनों नेताओं की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने गुजरात के धोलेरा में भारत की पहली फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के साझेदारी निर्णय का स्वागत किया।

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प्रधानमंत्री ने भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार-से-व्यापार संबंधों की मजबूती का स्वागत किया और भारत की आर्थिक गतिशीलता में डच कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की। हाल के सुधारों और पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने व्यापार करने में सुगमता बढ़ाने तथा स्थिर, कुशल और पूर्वानुमेय नीतिगत वातावरण स्थापित करने के प्रयासों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों को विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में भारत में अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र क्रियान्वयन का आह्वान किया। यह मुक्त व्यापार समझौता भारत और यूरोपीय संघ को खुले बाजारों, समावेशी विकास और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के प्रति प्रतिबद्ध विश्वसनीय साझेदारों के रूप में सुदृढ़ करता है।

उद्योग नेताओं ने भारत सरकार के सुधार एजेंडा की सराहना की और भारत के लिए अपनी भविष्य की योजनाएँ साझा कीं। उन्होंने भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के अवसरों की खोज में रुचि व्यक्त की। यूएई के साथ भी प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोलियम को लेकर समझौता किया है। बताया जा रहा है कि इससे एलपीजी के संकट से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी।