तमिलनाडु में गरदा उड़ाने वाले विजय को कन्याकुमारी ने दिया झटका, रोड शो के बावजूद नहीं खुला खाता
चेन्नई और कोंगु क्षेत्र में टीवीके ने कमाल का प्रदर्शन किया, लेकिन कन्याकुमारी जिले में पार्टी को पूरी तरह झटका लगा। जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर TVK खाली हाथ रही। विजय की लहर चलने के बावजूद कन्याकुमारी में पार्टी का प्रभाव नहीं दिखा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके ने पूरे राज्य में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पार्टी 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनकर उभरी और सरकार बनाने की राह पर है। चेन्नई और कोंगु क्षेत्र में टीवीके ने कमाल का प्रदर्शन किया, लेकिन कन्याकुमारी जिले में पार्टी को पूरी तरह झटका लगा। जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर टीवीके खाली हाथ रही। राज्यभर में विजय की लहर चलने के बावजूद कन्याकुमारी में पार्टी का कोई प्रभाव नहीं दिखा। खास बात यह कि विजय खुद कन्याकुमारी सीट पर रोड शो करने गए थे और साइकिल चलाकर वोट मांगे थे, फिर भी नतीजे निराशाजनक रहे।
कन्याकुमारी जिले में कन्याकुमारी, नागरकोविल, कुलच्चल, पद्मनाभपुरम, विलवांककोड और किल्लियूर सहित 6 सीटों पर चार कोणीय मुकाबला था। इनमें टीवीके, डीएमके, एआईएडीएमके और नाम तमिलर काची के बीच कड़ी टक्कर हुई। नतीजों में 5 सीटें डीएमके गठबंधन और एक सीट AIADMK के खाते में गई। कन्याकुमारी सीट पर एआईएडीएमके के थलवाय सुंदरम ने 74,904 वोट हासिल किए। उन्होंने डीएमके उम्मीदवार को मात्र 214 वोटों से हराया। नागरकोविल में डीएमके के ऑस्टिन 69,980 वोट लेकर विजयी रहे, जबकि टीवीके के उम्मीदवार पर्विन किंग्स को सिर्फ 7,570 वोट मिले। कुलच्चल में कांग्रेस की तारकाई कथबर्ट 66,207 वोटों से जीतीं।
कन्याकुमारी में किसे मिली सफलता
पद्मनाभपुरम में कम्युनिस्ट उम्मीदवार सेल्वा स्वामी 68,938 वोट लेकर विजयी रहे। विलवांककोड में कांग्रेस के प्रवीण ने 69,378 वोट हासिल किए। किल्लियूर में कांग्रेस के राजेश कुमार 66,434 वोटों से जीते। टीवीके के सबीन को 65,123 वोट मिले। टीवीके के उम्मीदवारों ने कुछ सीटों पर अच्छी लड़ाई लड़ी और दूसरे स्थान पर रहे, मगर जीत नहीं मिली। 2021 के चुनाव में भी जिले में कांग्रेस और डीएमके गठबंधन का दबदबा था। इस बार भी गठबंधन ने अपनी ताकत बरकरार रखी। कन्याकुमारी में राष्ट्रीय दलों का प्रभाव ज्यादा होने के कारण विजय की अपील वहां नहीं चली।
तमिलनाडु में टीवीके की 108 सीटों की जीत ऐतिहासिक मानी जा रही है। जाति और धनबल की राजनीति को तोड़ते हुए पार्टी ने कई जगहों पर कमाल किया। निर्देशक पी. रंजीत जैसे लोग पार्टी की सफलता से खुश दिखे। हालांकि कन्याकुमारी जैसे दक्षिणी जिले में पार्टी को अभी और मेहनत करने की जरूरत है। विजय की पार्टी राज्य की राजनीति में नई ताकत बनकर उभरी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां बाकी हैं।




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