एक्टर विजय को CM की शपथ दिलाने से गवर्नर का फिर इनकार, अब ये कदम उठा सकती है TVK
तमिलनाडु में टीवीके चीफ एक्टर विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ पर सस्पेंस बन गया है। गवर्नर आरवी अर्लेकर ने बहुमत के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए शपथ से इनकार कर दिया है। जानिए तमिलनाडु में सरकार बनाने का पूरा गणित।

शानदार चुनावी डेब्यू के बाद मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख और एक्टर विजय को तगड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु के राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने लगातार दूसरे दिन विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। राजभवन का मानना है कि शानदार जीत के बावजूद टीवीके के पास बहुमत का स्पष्ट आंकड़ा नहीं है।
कोर्ट जाने की तैयारी?
सूत्रों के मुताबिक, TVK अब कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और इस मुद्दे पर कोर्ट जा सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि विजय, सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी से सलाह ले रहे हैं। विजय की पार्टी फिलहाल अदालत तभी जाएगी जब उसके पास मौजूद सभी विकल्प खत्म हो जाएंगे।
राजभवन में क्या हुआ? गवर्नर ने दागे तीखे सवाल
गुरुवार सुबह एक्टर विजय को राज्यपाल आवास बुलाया गया था। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि गवर्नर ने विजय से कई सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि सिर्फ 113 विधायकों (108 TVK और 5 कांग्रेस) के दम पर वह सरकार कैसे चलाएंगे और उन्हें किन अन्य पार्टियों का समर्थन मिलने वाला है। इसके जवाब में एक्टर विजय ने स्पष्ट किया कि वह विधानसभा में 'फ्लोर टेस्ट' (बहुमत परीक्षण) का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इससे पहले बुधवार को भी दोनों के बीच मुलाकात हुई थी। लोक भवन के सूत्रों के मुताबिक, तब भी राज्यपाल विजय द्वारा पेश किए गए आंकड़ों से संतुष्ट नहीं थे।
आंकड़ों का खेल: कहां फंसा है पेंच?
टीवीके ने चुनाव में 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, जो बहुमत के आंकड़े से 10 कम है। विजय इस जादुई आंकड़े को कुछ इस तरह छूने की कोशिश कर रहे हैं:
कांग्रेस की शर्त: 5 सीटों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने की पेशकश की है, लेकिन उसकी शर्त है कि टीवीके 'सांप्रदायिक ताकतों' से कोई संबंध नहीं रखेगी। उसका इशारा बीजेपी की तरफ था।
लेफ्ट और क्षेत्रीय दल: विजय को वामपंथी दलों (CPI और CPM) से 4 सीटें, विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) से 2 और पट्टाली मक्कल काची (PMK) से 4 सीटें मिलने की उम्मीद है। विजय इन्हीं पार्टियों के साथ गठबंधन चाहते हैं, क्योंकि इनके साथ काम करना आसान माना जा रहा है।
कुल गणित: अगर यह गठबंधन (TVK + कांग्रेस + लेफ्ट + VCK + PMK) जमीन पर उतरता है, तो विजय के पास 123 सीटें हो जाएंगी। हालांकि, विजय ने खुद दो सीटों से चुनाव जीता था और उन्हें अपनी त्रिची (ईस्ट) सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद यह आंकड़ा 122 रह जाएगा।
गठबंधन की राह में 'दुश्मन' बड़ी चुनौती
समर्थन जुटाने की यह राह टीवीके के लिए आसान नहीं है। VCK फिलहाल डीएमके के साथ है, जिसे विजय अपना 'राजनीतिक दुश्मन' मानते हैं। वहीं, PMK का गठबंधन बीजेपी के साथ है, जो टीवीके की 'वैचारिक दुश्मन' है। विजय की सरकार तभी बन सकती है जब ये दोनों दल अपने मौजूदा गठबंधन को तोड़कर टीवीके के साथ आएं।
क्या AIADMK के साथ बनेगी बात?
तमिलनाडु में पिछले 62 सालों से राजनीति की धुरी रही AIADMK के साथ टीवीके के गठबंधन की चर्चा भी है, हालांकि इसे कम ही संभव माना जा रहा है। चुनाव प्रचार में विजय ने डीएमके और बीजेपी पर तीखे हमले किए थे और खुद को हीरो के तौर पर पेश किया था। इसका उन्हें फायदा भी मिला। लेकिन इस दौरान उन्होंने AIADMK पर कोई खास निशाना नहीं साधा।
इसी नरमी को देखते हुए ऐसी खबरें आईं कि AIADMK के करीब एक दर्जन से अधिक विधायक (जो टीवीके को बहुमत दिलाने के लिए काफी हैं) विजय के साथ आने को तैयार हैं और वे पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में चले गए हैं। हालांकि, AIADMK के वरिष्ठ नेताओं सीवी षणमुगम और केपी मुनुसामी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कोई गठबंधन नहीं हो रहा है।
दूसरी ओर, विजय भी AIADMK के साथ जाने से कतरा रहे हैं क्योंकि इस पार्टी के पहले बीजेपी के साथ संबंध रहे हैं। अगर ईपीएस (EPS) गुट का मन बदलता है और दोनों दल साथ आते हैं, तो उनके पास 150 से ज्यादा सीटें हो जाएंगी।
रिजॉर्ट पॉलिटिक्स और राष्ट्रपति शासन का खतरा
इस सियासी उठापटक के बीच, टूट के डर से विजय के 107 नवनिर्वाचित विधायकों को राजधानी चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर दूर मामल्लापुरम के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है। अगर यह मान लिया जाए कि टीवीके एक मजबूत गठबंधन बनाने में विफल रहती है, तो राज्यपाल नवनिर्वाचित विधानसभा को निलंबित कर सकते हैं। इसके बाद वह केंद्र को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं, जिससे राज्य में दोबारा चुनाव की नौबत आ सकती है।




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