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भारत जैसा ताकतवर देश..., ईरान और अमेरिका युद्ध का नाम लेकर क्या बोला रूस

रूस ईरान के साथ खुफिया और सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। उसे सैटेलाइट इमेजरी एवं उन्नत ड्रोन तकनीक उपलब्ध करा रहा है। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सहयोग का उद्देश्य ईरान को क्षेत्र में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने में मदद करना है।

Thu, 19 March 2026 08:44 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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भारत जैसा ताकतवर देश..., ईरान और अमेरिका युद्ध का नाम लेकर क्या बोला रूस

अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच भारत से मध्यस्थता की अपील की जा रही है। रूस का कहना है कि भारत इस युद्ध को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा रूस ने अमेरिका और इजरायल पर बिना वजह ईरान पर हमला करने के आरोप लगाए हैं। 28 फरवरी और अमेरिका और इजरायल ने मिलाकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। युद्ध को तीन सप्ताह से ज्यादा समय गुजर चुका है और इसके चलते दुनिया के कई देशों में ईंधन संकट देखा जा रहा है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि युद्ध खत्म कराने में भारत की भूमिका अहम हो सकती है। प्रवक्ता जाखारोवा ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि वर्तमान परिस्थितियों में, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए अकारण आक्रमण के कारण जो गंभीर संकट पैदा हुआ है, उसका समाधान खोजने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के जिम्मेदार सदस्यों के प्रयासों की बहुत आवश्यकता है।'

उन्होंने आगे कहा, '...जैसे कि भारत जैसी प्रभावशाली शक्ति निश्चित रूप से इसमें अपनी भूमिका निभाने में सक्षम है।' खास बात है कि भारत ने लगातार युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही है।

ईरान को डेटा दे रहा है रूस?

रूस ईरान के साथ खुफिया और सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। उसे सैटेलाइट इमेजरी एवं उन्नत ड्रोन तकनीक उपलब्ध करा रहा है। एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सहयोग का उद्देश्य ईरान को क्षेत्र में अमेरिकी बलों को निशाना बनाने में मदद करना है। हालांकि, इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

भारत पर असर

28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई से पहले, भारत के आधे से अधिक कच्चे तेल का आयात, लगभग 30% गैस और 85-90% एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे मध्य पूर्व के देशों से आता था। इस संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकाबंदी हो गई है, जो खाड़ी देशों की ऊर्जा आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। भारत ने रूस जैसे देशों से तेल मंगाकर कच्चे तेल की कमी की आंशिक भरपाई की है।

भारत कच्चा तेल की जरूरतों का लगभग 88%, प्राकृतिक गैस का 50% और एलपीजी का 60% आयात करता है।

गैस की कीमतों में आई तेजी

अमेरिका- इजरायल से जंग में ईरान को लगातार झटके लग रहे। इजरायल के समाचार पत्र इजरायल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सेना ने बुधवार को ईरान में दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड साउथ पार्स पर हमला किया। साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी आ गई।

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बुधवार को हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत 6.3 फीसदी बढ़कर 109.95 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं यूरोप में गैस की कीमतों में 9.3 फीसदी की तेजी देखी गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फील्ड को निशाना बनाकर लगातार हमले हो रहे हैं। हालांकि ये हमला अमेरिका ने किया या इजरायल ने ये स्पष्ट नहीं हुआ है। हालांकि अमेरिका दक्षिणी ईरान से लगातार हमले कर रहा। इससे पहले उसने तेल भंडार वाले खार्ग द्वीप को निशाना बनाया था।