युद्ध में क्यों नहीं चूक रहा ईरानी मिसाइलों का निशाना? समझिए रूस से कैसे हो रहा असली खेल
पिछले कुछ सालों में रूस और ईरान के बीच नजदीकियां बढ़ी हैं। दोनों देशों के रक्षा संबंध मजबूत हुए हैं। ईरान ने यूक्रेन युद्ध में रूस को ड्रोन और मिसाइलें दी हैं और अब रूस भी एहसान लौटा रहा है।

US-Iran War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने तबाही मचा दी है। अमेरिकी और इजरायली हमलों से बौखलाए ईरान ने ना सिर्फ इजरायल को दहलाया है, बल्कि खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लगातार मिसाइलें और ड्रोन बरसाई हैं। यही नहीं ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को भी निशाना बनाया है। हाल यह है कि अमेरिका और खाड़ी देश ड्रोन इंटरसेप्शन तकनीक के लिए यूक्रेन से मदद मांगने पर मजबूर हो गए हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर ईरान को इतनी सटीक लोकेशन मिल कहां से रही है। इस सवाल का जवाब है- रूस।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक रूस इस युद्ध में ईरान की आंख बन चुका है। अमेरिका के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने दावा किया है कि रूस ईरान को संवेदनशील खुफिया जानकारी दे रहा है, जिसमें अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की सटीक लोकेशन भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक रूस ऐसे समय में ईरान को यह मदद दे रहा है जब आधुनिक युद्ध में सैटेलाइट इंटेल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।
किस तरह की जानकारी दे रहा रूस?
माना जा रहा है कि रूस अपने सैटेलाइट नेटवर्क से जुटाई गई तस्वीरें और डेटा ईरान के साथ साझा कर रहा है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों, जहाजों और विमानों की गतिविधियों की जानकारी शामिल है। हालांकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में ऐसे किसी भी सहयोग से इनकार किया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मॉस्को और तेहरान के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों को देखते हुए इस तरह का सहयोग संभव है।
इससे पहले ईरान ने भी यह खुलासा किया था युद्ध में उसे रूस और चीन की मदद मिल रही है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि दोनों ही देश ईरान को सैन्य मदद भेज रहे हैं। गौरतलब है किपिछले कुछ सालों में रूस और ईरान के बीच रक्षा संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं। ईरान ने यूक्रेन युद्ध में रूस को ड्रोन और मिसाइलें दी हैं और अब रूस भी ईरान के साथ खड़ा है।
चीन क्यों है सावधान?
वहीं दूसरी तरफ चीन इस मामले में सावधानी बरतता नजर आ रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि चीन ईरान को आर्थिक मदद, स्पेयर पार्ट्स और मिसाइल से जुड़े उपकरण देने की तैयारी कर सकता है। हालांकि ईरानी तेल पर अपनी निर्भरता और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा की आशंका के कारण चीन फिलहाल संतुलित रुख अपना रहा है।

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