46000 tonne LPG carrier set to cross strait of Hormuz to reach Mumbai दूर होगी किल्लत! 46000 टन LPG लेकर होर्मुज पार करने को ग्रीन सांवी तैयार, कब तक पहुंचेगा भारत, India News in Hindi - Hindustan
More

दूर होगी किल्लत! 46000 टन LPG लेकर होर्मुज पार करने को ग्रीन सांवी तैयार, कब तक पहुंचेगा भारत

भले ही कुछ जहाज सुरक्षित निकल रहे हैं, लेकिन संकट अभी टला नहीं है। भारतीय नौसेना के सूत्रों के अनुसार, दो अन्य एलपीजी जहाज'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम' वर्तमान में सुरक्षित मार्ग के लिए नौसेना के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

Sat, 4 April 2026 05:39 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
दूर होगी किल्लत! 46000 टन LPG लेकर होर्मुज पार करने को ग्रीन सांवी तैयार, कब तक पहुंचेगा भारत

LPG Crisis and Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी भी जारी है। इस बीच भारत के लिए राहत की एक बड़ी खबर सामने आई है। ईंधन से भरा एक विशाल एलपीजी टैंकर 'ग्रीन सांवी' शुक्रवार को सुरक्षित रूप से इस खतरनाक जलमार्ग को पार करने के लिए तैयार है। इस जहाज के 6 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। इससे देश में कुकिंग गैस की किल्लत झेल रहे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

शिपिंग महानिदेशालय के अनुसार, 'ग्रीन सांवी' वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के उत्तरी हिस्से से गुजर रहा है। शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह जहाज 46,655 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। उम्मीद है कि 3 अप्रैल की आधी रात तक यह जहाज सुरक्षित रूप से ट्रांजिट पूरा कर लेगा। इससे पहले पिछले सप्ताह दो अन्य एलपीजी जहाज 'जग वसंत' (कांडला बंदरगाह) और 'पाइन गैस' (न्यू मंगलौर) पहुंची थी। इन दोनों जहाजों ने मिलकर लगभग 92,000 मीट्रिक टन ईंधन की आपूर्ति की थी।

संकट अभी टला नहीं

भले ही कुछ जहाज सुरक्षित निकल रहे हैं, लेकिन संकट अभी टला नहीं है। भारतीय नौसेना के सूत्रों के अनुसार, दो अन्य एलपीजी जहाज'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम' वर्तमान में सुरक्षित मार्ग के लिए नौसेना के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया कि फंसे हुए सभी जहाजों को चरणबद्ध तरीके से बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। विशेष रूप से उन जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है जो एलपीजी और कच्चे तेल जैसे आवश्यक ईंधन ढो रहे हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:लो हो गया रिजीम चेंज; युद्ध के बीच ईरान ने फिर उड़ाया डोनाल्ड ट्रंप का मजाक
ये भी पढ़ें:US-ईरान युद्ध समाप्त करने की योजना लाया पाकिस्तान, क्या है 5 सूत्रीय पीस प्लान
ये भी पढ़ें:युद्ध में फंस गए हैं, किसी तरह यहां से भागना चाहते हैं; ट्रंप के दावों पर ईरान

BW TYR एलपीजी टैंकर पहले ही मुंबई पहुंच चुका है और 'शिप-टू-शिप' (जहाज से जहाज) ट्रांसफर के जरिए अपना कार्गो मुंबई आउटर पोर्ट लिमिट्स पर उतार रहा है। वहीं, BW ELM जहाज का मार्ग बदलकर इसे एन्नोर बंदरगाह की ओर मोड़ दिया गया है। इसके 4 अप्रैल तक पहुंचने की संभावना है।

17 जहाजों का अभी भी इंतजार

शिपिंग महानिदेशालय की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज के पश्चिम स्थित फारस की खाड़ी में अभी भी 17 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से 5 जहाज शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के हैं। इसके अलावा ओमान की खाड़ी, अदन की खाड़ी और लाल सागर में भी भारतीय जहाज मौजूद हैं।

खाड़ी क्षेत्र में कुल 20,500 भारतीय नाविक तैनात हैं। इनमें से 504 नाविक भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर हैं। 3 अप्रैल तक विभिन्न शिपिंग कंपनियों द्वारा 1,130 नाविकों को सुरक्षित रूप से निकाला जा चुका है।

भारत सरकार एक तरफ ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत कर रही है। दूसरी तरफ भारतीय नौसेना अपनी ताकत के दम पर जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। होर्मुज का खुलना केवल व्यापारिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की घरेलू आर्थिक स्थिरता का प्रश्न बन चुका है।