अब तक 19 TMC सांसद हुए बागी, शताब्दी रॉय ने क्या बताया; 20वां होगा बहुत बड़ा नाम
टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी रॉय ने दावा किया है कि 19 सांसदों ने लेटर पर साइए किए हैं। यह लेटर स्पीकर ओम बिरला को भेजा जा चुका है। वहीं, 20वां सांसद ऐसा होगा, जोकि बहुत बड़ा नाम है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हो रही बगावत के बीच बागी सांसद शताब्दी रॉय ने बड़ा दावा कर दिया है। रॉय ने कहा है कि बागी सांसदों के पास मैजिक नंबर हैं और सिर्फ छह से सात सांसद ही ममता बनर्जी के साथ बचेंगे। बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद ममता बनर्जी अब तक के अपने सबसे बुरे राजनैतिक दौर से गुजर रही हैं। विधानसभा में टूट के बाद अब लोकसभा और राज्यसभा में सांसदों ने बगावत कर दी है। अब तक 19 सांसद बागी हो चुके हैं, जबकि जल्द ही 20वां नाम भी सामने आएगा, जोकि बहुत बड़ा नाम है।
एनडीटीवी से बात करते हुए टीएमसी की बागी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा, ''19 लोकसभा सांसदों ने लेटर को साइन किया है, जिसे स्पीकर ओम बिरला को सौंपा जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, 20 सांसद जोकि एक बड़ा नाम है, जल्द ही साइन कर सकता है। स्पीकर को भेजे गए लेटर में कहा गया है कि बागी नेता पार्टी से दूरी बनाना चाहते हैं और एनडीए का सपोर्ट देना चाहते हैं।
शताब्दी रॉय ने कहा, ''हमने लेटर साइन किया है। यह प्रूफ है। हमारे पास मैजिक नंबर है। मुझे अगली मीटिंग के बारे में कोई आइडिया नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि यह स्पीकर ओम बिरला जी को सौंपा जा चुका है।'' रॉय ने बताया कि बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग से सीटिंग अरेंजमेंट करने की मांग की है। उन्होंने कहा, ''हमें लीगल प्रोसीजर के बारे में नहीं पता। हम अलग गुट के तौर पर बैठना चाहते हैं और हमारी मांग भी यही है।''
राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया में प्रसारित लेटर की कॉपी के अनुसार, साइन करने वालों में बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार, बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय, मथुरापुर के सांसद बापी हलदर, बर्धमान पुरबा की सांसद शर्मिला सरकार, कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र वर्मा बसुनिया और बोलपुर के सांसद असित मल शामिल हैं। एक बागी सांसद ने बताया, ''जो सूची वायरल हुई है, वह असली है। कुछ और लोग भी हमारे साथ जुड़ सकते हैं।''
दल-बदल विरोधी कानून से ज्यादा संख्या
बागी गुट के करीबी सूत्रों का दावा है कि सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग संसदीय गुट बनाने की जानकारी दी और अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाए रखते हुए राजग का समर्थन करने के फैसले से उन्हें अवगत कराया। लोकसभा में टीएमसी के 28 सदस्य हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद तृणमूल तीसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है। बागी गुट का दावा है कि उनके पास 19 सांसदों का समर्थन है। यह संख्या दल-बदल रोधी कानूनों के तहत तय दो-तिहाई बहुमत की सीमा से ज्यादा है। अगर इन आंकड़ों को मान लिया जाता है, तो बागियों को कानूनी सुरक्षा मिल सकती है।




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