मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सबसे बड़े बेस को टारगेट बना रहा था ईरान, कतर ने चौपट किया प्लान
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'कतर अमीरी एयर डिफेंस फोर्सेज ने अल उदीद एयर बेस को निशाना बना कर किए गए ड्रोन अटैक को रोक दिया है।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस एयर बेस में अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिक तैनात हैं।
अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर रहे ईरान अन्य देशों में उसके बेस को निशाना बना रहा है। इसी क्रम में उसका टारगेट कतर स्थित अमेरिकी एयर बेस बना था। खबर है कि कतर ने इस ड्रोन हमले के नाकाम कर दिया है। कहा जा रहा है कि यह अमेरिका का मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा बेस है। आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला तेज करने जा रहे हैं। इससे पहले भी इस अमेरिकी बेस पर ईरान हमला कर चुका है।
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'कतर अमीरी एयर डिफेंस फोर्सेज ने अल उदीद एयर बेस को निशाना बना कर किए गए ड्रोन अटैक को रोक दिया है।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस एयर बेस में अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिक तैनात हैं।
इधर, सऊदी अरब ने भी शुक्रवार को रियाद स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर दागी गईं तीन मिसाइलों को तबाह कर दिया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी है। खबर है कि ये बैलिस्टिक मिसाइलें थीं। इस बेस में भी बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
मंगलवार को किए थे हमले
ईरान सेना ने मंगलवार को जानकारी दी थी कि कतर में इजरायल और अमेरिका के बेस पर हमले किए गए हैं। सेना ने बयान जारी किया था, 'थल, वायु और नौसेना के विनाशकारी ड्रोन्स ने जियोनिस्ट शासन के कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी बलों के अल उदीद स्थित बेसों को निशाना बनाया है।'
कुवैत में अमेरिकी दूतावास को बंद करने की घोषणा
अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार को ईरान द्वारा किए गए हमलों के बाद कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास को बंद करने की घोषणा की। युद्ध की शुरुआत से ही ईरान ने अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देश कुवैत पर लगातार मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं। रविवार को कुवैत में हुए ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे।
अजरबैजान पर भी दाग दी ईरान ने मिसाइल
अजरबैजान ने गुरुवार को ईरान पर उसके क्षेत्र में ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि ईरानी ड्रोन हमले में चार नागरिक घायल हो गए। अजरबैजान ने जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया में युद्ध का दायरा बढ़ते हुए एक और देश में पहुंच गया है। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईरानी ड्रोन ने उसके नखचिवान क्षेत्र पर हमला किया और हवाई अड्डे की एक इमारत को क्षतिग्रस्त कर दिया।
राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर 'आतंकवाद और आक्रामकता का निराधार कृत्य' करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सेना को जवाबी कार्रवाई की तैयारी और उसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने नखचिवान की ओर चार ड्रोन भेजे थे, जिनमें से एक को अजरबैजानी सेना ने निष्क्रिय कर दिया, जबकि अन्य ने नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया, जिनमें एक स्कूल भी शामिल था जहां कक्षाएं चल रही थीं।
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