छोटा हमला भी बर्दाश्त नहीं...; ईरान की अमेरिका को खुली चुनौती, बढ़ेगा टकराव?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने तेहरान में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीमित हमले से जुड़े आपके सवाल के बारे में मुझे लगता है कि ऐसा कोई सीमित हमला नहीं होता। आक्रामकता का कार्य आक्रामकता का कार्य ही रहता है।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कभी भी हमले का आदेश दे सकते हैं। इस बीच ईरान की ओर से सख्त बयान आया है। यूं कहें तो अमेरिका को खुली चेतावनी दी गई है। ईरान ने साफ-साफ कहा है कि छोटा हमला भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके जवाब में ईरान कड़ी कार्रवाई करेगा। ईरान का यह बयान राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान पर सीमित हमले पर विचार करने की बात कही थी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने तेहरान में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सीमित हमले से जुड़े आपके सवाल के बारे में मुझे लगता है कि ऐसा कोई सीमित हमला नहीं होता। आक्रामकता का कार्य आक्रामकता का कार्य ही रहता है। बस इतना ही। हर राज्य अपने आत्मरक्षा के अधिकार के तहत आक्रामकता पर उग्र प्रतिक्रिया देगा, इसलिए हम भी वैसा ही करेंगे।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि अगर तेहरान अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता, तो वे सीमित हमले पर विचार कर रहे हैं। एक पत्रकार के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि मैं इस पर विचार कर रहा हूं।
दूसरी ओर, ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। बद्र अल-बुसैदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें इसकी पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त प्रयास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। ओमान ने पहले भी जिनेवा में हुई वार्ता की मेजबानी की थी और पिछले सप्ताह के नवीनतम दौर में मदद की थी।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने स्थायी परमाणु समझौते तक पहुंचने के लिए सार्थक सहभागिता और बातचीत पर जोर दिया है। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को इस सप्ताह की दूसरी फोन कॉल में दोनों पक्षों ने ईरान-अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा की।
आईआरएनए के अनुसार, बुधवार को हुई पिछली फोन कॉल में अराघची और ग्रॉसी ने जिनेवा में ईरान-अमेरिका अप्रत्यक्ष वार्ता के परिणामों की समीक्षा की और बातचीत के ढांचे का मसौदा तैयार करने तथा कार्यप्रणाली विकसित करने पर चर्चा की। अराघची ने भविष्य की बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए प्रारंभिक और सुसंगत ढांचा विकसित करने पर ईरान के फोकस की बात कही। ग्रॉसी ने जिनेवा वार्ता को सकारात्मक बताया और वार्ता का ढांचा तैयार करने तथा इस प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए आईएईए की सहयोग की तैयारी जताई।
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