ईरान पर अमेरिका कब करेगा हमला? पूर्व CIA अधिकारी ने बताया; जानें दिन और तारीख
अमेरिका-ईरान तनाव अब चरम पर पहुंच चुका है। इस बीच पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन किरियाकू ने एक पॉडकास्ट में सनसनीखेज दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमला करने का अंतिम फैसला ले लिया है…

अमेरिका-ईरान तनाव अब चरम पर पहुंच चुका है। इस बीच पूर्व सीआईए अधिकारी जॉन किरियाकू ने एक पॉडकास्ट में सनसनीखेज दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमला करने का अंतिम फैसला ले लिया है, और यह हमला सोमवार या मंगलवार (23 या 24 फरवरी 2026) को हो सकता है। किरियाकू ने खुलासा किया कि वाइट हाउस में हाल ही में एक पूर्व खुफिया अधिकारी ने जानकारी दी थी कि प्रशासन द्वारा सार्वजनिक रूप से दी गई समय सीमा के बावजूद हमला बहुत जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा एक दोस्त, जो पूर्व सीआईए अधिकारी है, आज सुबह वाइट हाउस में अपने दोस्तों से बात कर रहा था, और उसने बताया कि सोमवार या मंगलवार को ईरान पर हमला करने का फैसला हो चुका है।
किरियाकू ने आगे कहा कि हालांकि राष्ट्रपति ने कल ईरान को हमारे प्रस्तावों को स्वीकार करने के लिए 10 दिन का समय दिया था, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम बंद करना, यूरेनियम संवर्धन रोकना और हमास, हिजबुल्लाह तथा हौथी जैसे मध्य पूर्व के समूहों को समर्थन बंद करना शामिल है, लेकिन ऐसी समय सीमाएं अक्सर रणनीतिक ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति आपको 10 दिन या दो सप्ताह का समय देते हैं, और फिर दो दिन बाद ही अचानक हमला कर देते हैं। इससे लोग असमंजस में रहते हैं।
ध्यान भटकाने के लिए अल्टीमेटम
हालांकि ट्रंप प्रशासन आधिकारिक तौर पर राजनयिक समाधान की बात कर रहा है, लेकिन कई सूत्रों का मानना है कि ईरान की ओर से मौजूदा प्रस्ताव सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। आंतरिक योजनाएं अधिक विस्तृत और महत्वाकांक्षी हो रही हैं, जिसमें सत्ता परिवर्तन का विचार भी शामिल है। चर्चा में यह भी उठा कि हाल के यूएफओ से जुड़े दस्तावेजों के जारी होने की घोषणा को ध्यान भटकाने का तरीका माना जा सकता है। किरियाकू ने सहमति जताते हुए कहा कि हां, कुछ हद तक ऐसा हो सकता है, और समय पर सवाल उठते हैं।
इस दौरान पूर्व सीआईए अधिकारी ने आंतरिक राजनीतिक मतभेदों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि युद्ध-विरोधी पक्ष में जेडी वैंस और तुलसी गैबार्ड हैं, जबकि युद्ध-समर्थक गुट का नेतृत्व मार्को रुबियो कर रहे हैं, जिसमें पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ भी शामिल हैं। किरियाकू ने ज्वाइंट चीफ्स के इस रुख पर आश्चर्य जताया और कहा कि ट्रंप ने हाल के महीनों में सभी ज्वाइंट चीफ्स को बदल दिया है, ऐसे लोगों को पदोन्नत किया जो राजनीतिक रूप से वफादार हों।
शुक्रवार को ट्रंप ने दी थी चेतावानी
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ सीमित हमले किए जा सकते हैं। एक सवाल के जवाब में कि क्या देशों के बीच बातचीत के दौरान अमेरिका सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है, ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि मैं इस पर विचार कर रहा हूं।
इससे पहले, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा था कि उनका देश 'अगले दो से तीन दिन' में समझौते का मसौदा तैयार करने की योजना बना रहा है, जिसे बाद में वाशिंगटन भेजा जाएगा। अराघची ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इसमें ज्यादा समय लगेगा, शायद एक हफ्ते के भीतर ही हम मसौदे पर वास्तविक और गंभीर बातचीत शुरू कर सकते हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं। इतना ही नहीं अराघची ने कहा कि हम युद्ध के लिए तैयार हैं और हम शांति के लिए भी तैयार हैं।
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