अमेरिका अब दूसरे देशों पर शर्तें थोपने की स्थिति में नहीं; ईरान ने दी खुली चुनौती
ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाई-निक ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने संबंधी तेहरान के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, इसलिए उसे अब दूसरे देशों को क्या करना चाहिए, यह बताने का कोई अधिकार नहीं है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को साफ-साफ संदेश दे दिया है कि वाशिंगटन अब स्वतंत्र देशों को अपनी शर्तें थोपने या निर्देश देने की स्थिति में नहीं रहा है। ईरानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाई-निक ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने संबंधी तेहरान के नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, इसलिए उसे अब दूसरे देशों को क्या करना चाहिए, यह बताने का कोई अधिकार नहीं है।
सरकारी टीवी पर दिए बयान में रजा तलाई-निक ने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका को अपनी 'अवैध और तर्कहीन मांगों' को छोड़ना चाहिए। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के रक्षा मंत्रियों की बैठक से पहले यह भी कहा कि ईरान स्वतंत्र देशों, खासकर SCO सदस्यों के साथ अपनी रक्षात्मक सैन्य क्षमताएं साझा करने के लिए तैयार है।
होर्मुज को लेकर दोनों देश आमने-सामने
बता दें कि ईरान ने अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के साथ ही विश्व के इस महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई। अब युद्धविराम के बावजूद स्थायी शांति की दिशा में बातचीत बेनतीजा रही है और होर्मुज मुद्दा वार्ता का प्रमुख केंद्र बन गया है। दूसरी ओर ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह होर्मुज को खोल देगा बशर्ते अमेरिका इस पर नाकेबंदी खत्म कर दे और युद्ध समाप्त किया जाए। ईरान ने यह भी सुझाव दिया है कि उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बड़े मुद्दे पर बातचीत बाद के चरण में की जाएगी।
प्रस्ताव रूस यात्रा के दौरान आया
बता दें कि यह प्रस्ताव सोमवार को सामने आया, जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की यात्रा पर थे। रूस लंबे समय से तेहरान का प्रमुख समर्थक रहा है, लेकिन इस समय मॉस्को किस प्रकार की सहायता प्रदान करेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। वर्तमान में युद्धविराम तो लागू है, लेकिन तीनों देशों (ईरान, अमेरिका और इजरायल) के बीच स्थायी शांति स्थापित करने के लिए गंभीर बातचीत अभी भी जारी है।
ट्रंप प्रशासन का रुख सख्त
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को फॉक्स न्यूज से बात करते हुए इस प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया। पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव पर रुबियो ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी समझौता ईरान को किसी भी समय परमाणु हथियार की ओर बढ़ने से रोक सके। वहीं, वाइट हाउस ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने प्रस्ताव पर चर्चा की है और ट्रंप बाद में इस पर अंतिम फैसला लेंगे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन