Iran launches new attacks on Israel Gulf countries as part of pressure strategy दबाव बढ़ाने की कोशिश? ईरान ने इजरायल समेत खाड़ी देशों पर किए नए हमले, Middle-east Hindi News - Hindustan
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दबाव बढ़ाने की कोशिश? ईरान ने इजरायल समेत खाड़ी देशों पर किए नए हमले

ईरान ने मंगलवार को दबाव बनाने की नीति के तहत इजरायल और खाड़ी देशों पर नए हमले किए। इस युद्ध ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में मिसाइलों की चेतावनी वाले सायरन बजने लगे, जबकि बहरीन में अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने राजधानी में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया।

Tue, 10 March 2026 11:48 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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दबाव बढ़ाने की कोशिश? ईरान ने इजरायल समेत खाड़ी देशों पर किए नए हमले

ईरान ने मंगलवार को दबाव बनाने की नीति के तहत इजरायल और खाड़ी देशों पर नए हमले किए। इस युद्ध ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में मिसाइलों की चेतावनी वाले सायरन बजने लगे, जबकि बहरीन में अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने राजधानी में एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिसमें 29 वर्षीय एक महिला मारी गई, जबकि आठ घायल हो गए। इस बीच, सऊदी अरब ने कहा कि उसने अपने तेल-समृद्ध पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन नष्ट कर दिये, जबकि कुवैत के नेशनल गार्ड ने कहा कि उसने छह ड्रोन मार गिराए हैं।

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संयुक्त अरब अमीरात में, पेट्रोकेमिकल संयंत्रों वाले औद्योगिक शहर रुवैस में ईरानी ड्रोन हमले के बाद लगी आग को बुझाने के लिए दमकलकर्मी जूझते नजर आए। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। यरुशलम में भी सायरन बजने लगे और तेल अवीव में विस्फोटों की आवाज सुनी गई, क्योंकि इजराइल की रक्षा प्रणालियां ईरान की ओर से हो रहे हमलों को रोकने का प्रयास कर रही थीं।

अमेरिका की धमकी

इस बीच, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि मंगलवार को ईरान के अंदर हमारे हमलों का एक बार फिर सबसे भयावह दिन होगा, सबसे अधिक लड़ाकू विमान, सबसे अधिक बमवर्षक विमान, सबसे अधिक हमले, तथा खुफिया जानकारी पहले से कहीं अधिक परिष्कृत और बेहतर होगी। इस बयान से कुछ ही समय पहले उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में ईरान ने अब तक की सबसे कम संख्या में मिसाइलें दागी हैं। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर के समय तेहरान में कई विस्फोटों की आवाज सुनाई दीं, जब इजराइल ने हवाई हमलों की एक नई झड़ी लगा दी।

इस बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ ने 'एक्स' पर चुनौती भरे लहजे में लिखा कि हम निश्चित रूप से अभी संघर्षविराम के पक्ष में नहीं हैं। हमारा मानना ​​है कि हमलावर के मुंह पर मुक्का मारा जाना चाहिए, ताकि उसे सबक मिले और वह फिर कभी हमारे प्यारे ईरान पर हमला करने के बारे में न सोचे। वहीं, ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिये अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे धमकी दी।

धमकियों से नहीं डरता ईरान

उन्होंने लिखा कि ईरान जैसा बलिदानी राष्ट्र तुम्हारी खोखली धमकियों से नहीं डरता। तुमसे बड़े भी ईरान को खत्म नहीं कर सके। सावधान रहें, कहीं खुद आपका सफाया न हो जाए। अतीत में ईरान पर ट्रंप की हत्या की साजिश रचने का आरोप लग चुका है। खाड़ी क्षेत्र में इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों तथा ड्रोन से हमला करने के अलावा ईरान ऊर्जा अवसंरचना को भी निशाना बना रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है जिससे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।

अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार, 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत सोमवार को बढ़कर लगभग 120 डॉलर तक पहुंच गई। हालांकि बाद में कीमत में थोड़ी नरमी आई और मंगलवार को भी यह लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल पर थी, जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत अधिक है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस्लामी गणराज्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करता है तो लड़ाई और तेज हो सकती है। इस युद्ध के कारण विश्व बाजारों में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है और समूचे अमेरिका में ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं।

ईरान ने प्रभावी रूप से टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य का उपयोग करने से रोक दिया है, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच का नौवहन मार्ग है, हिंद महासागर का प्रवेश द्वार है तथा इसके माध्यम से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम सात नाविक मारे गए हैं।

होर्मुज को लेकर कोई भी कदम उठा सकता है अमेरिका

ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने वाला कोई भी कदम उठाता है तो अमेरिका उसपर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमले करेगा। ईरानी सरकारी मीडिया में ट्रंप की टिप्पणियों के प्रकाशन के बाद सीधा जवाब देते हुए अर्द्धसैनिक बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के प्रवक्ता अली मोहम्मद नाइनी ने कहा कि ईरान तय करेगा कि युद्ध कब खत्म करना है।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के बाद उनके पुत्र अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना गया है। इसके एक दिन बाद ही तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। सर्वोच्च नेता के कार्यालय के विदेश नीति सलाहकार कमाल खराजी ने सोमवार को 'सीएनएन' को बताया कि ईरान एक लंबे युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि जब तक आर्थिक दबाव अन्य देशों को हस्तक्षेप करने और ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजराइली आक्रामकता को रोकने के लिए प्रेरित नहीं करता, तब तक उन्हें कूटनीति के लिए कोई गुंजाइश नहीं दिखती।

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इस बीच, इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्ला पर कई हमले किए और ईरान से जुड़े इस मिलिशिया यानी सशस्त्र समूह ने इजरायल पर मिसाइलें दागकर जवाब दिया। संघर्ष की शुरुआत से ही इराक में ईरान समर्थक मिलिशिया ने देश में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं। अधिकारियों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि मंगलवार तड़के किरकुक शहर में स्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज की 40वीं ब्रिगेड पर हवाई हमला हुआ, जिसमें कम से कम पांच चरमपंथी मारे गए और चार घायल हो गए।

हमलों के पीछे कौन था, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया है। अधिकारियों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 1,230, लेबनान में कम से कम 397 और इजरायल में 11 लोग मारे गए हैं। कुल सात अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे गए हैं।

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