from sky to earth core attack Now US dropped dozens of 2000 pound bunker-busting bombs on Iran why आसमां से पाताल तक तबाही…अब US ने ईरान पर गिराए 2000 पाउंड वजनी दर्जनों बंकर-भेदी बम, International Hindi News - Hindustan
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आसमां से पाताल तक तबाही…अब US ने ईरान पर गिराए 2000 पाउंड वजनी दर्जनों बंकर-भेदी बम

Iran America War: इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जनरल केन ने कहा कि ईरान की मिसाइल बनाने और दागने की क्षमता को खत्म करना फिलहाल अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य प्राथमिकता है।

Tue, 10 March 2026 08:56 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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आसमां से पाताल तक तबाही…अब US ने ईरान पर गिराए 2000 पाउंड वजनी दर्जनों बंकर-भेदी बम

Iran America War: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले और तेज कर दिए हैं। अमेरिकी सेना अब विशेष रूप से उन ठिकानों को निशाना बना रही है जो जमीन के काफी नीचे बनाए गए हैं और जहां मिसाइल तथा अन्य हथियारों का भंडार रखा जाता है। यानी अमेरिका अब ईरान के आसामान से पाताल तक हमले कर रहा है। CNN की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने ईरान में 2000 पाउंड वजन वाले दर्जनों बंकर भेदी बम गिराए हैं।

अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी डैन केन जो Joint Chiefs of Staff के अध्यक्ष हैं, ने पेंटागन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हाल के दिनों में अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने ईरान के कई भूमिगत मिसाइल लॉन्चर ठिकानों पर 2000 पाउंड वजन वाले दर्जनों जीपीएस-नियंत्रित बंकर-भेदी बम गिराए हैं। इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और जनरल केन ने कहा कि ईरान की मिसाइल बनाने और दागने की क्षमता को खत्म करना फिलहाल अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य प्राथमिकता है। जनरल केन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के कई ड्रोन निर्माण कारखानों को भी निशाना बनाया है ताकि उसकी स्वायत्त ड्रोन क्षमता को कमजोर किया जा सके।

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भूमिगत सैन्य ढांचे पर फोकस

यानी अमेरिका अब केवल सतह पर मौजूद ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान के भूमिगत सैन्य औद्योगिक ढांचे पर भी लगातार हमले कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने वर्षों से अपने कई हथियार भंडार और मिसाइल लॉन्चर भूमिगत सुरंगों और बंकरों में सुरक्षित रखे हैं, जिससे उन्हें नष्ट करना काफी कठिन हो जाता है।

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परमाणु ठिकानों पर अभी भी चुनौती

हालांकि अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करने में प्रगति हो रही है, लेकिन एक बड़ी चुनौती अभी भी बाकी है , वह हैं ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकाने। रिपोर्टों के अनुसार इन ठिकानों में बड़े पैमाने पर समृद्ध यूरेनियम रखा हुआ है, जिसे केवल हवाई हमलों से पूरी तरह नष्ट करना संभव नहीं माना जा रहा। ऐसे में ईरान में अब जमीनी कार्रवाई की संभावना भी बढ़ने लगी है।

क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका

सूत्रों के अनुसार अमेरिकी प्रशासन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि यदि जरूरत पड़ी तो इन परमाणु भंडारों को कब्जे में लेने के लिए जमीनी सैन्य अभियान चलाया जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा मिशन बहुत जोखिम भरा होगा और इसके लिए केवल विशेष बलों की छोटी टुकड़ी नहीं बल्कि बड़ी संख्या में सैनिकों की जरूरत पड़ सकती है। मध्य-पूर्व में लगातार बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो यह केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

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