जनवरी से बंद थी डिजिटल लाइफ, ईरान में अब इंटरनेट पर लगी रोक हटी; 87 दिनों बाद ‘मुट्ठी में दुनिया’
Internet In Iran: ईरानी सरकार ने लंबे समय से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट प्रतिबंधों को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकारी प्रवक्ता फातिमेह मोहजेरानी ने मंगलवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट पहुंच बहाल करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है।

ईरानी सरकार ने लंबे समय से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट प्रतिबंधों को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकारी प्रवक्ता फातिमेह मोहजेरानी ने मंगलवार को घोषणा की कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट पहुंच बहाल करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया है। मोहजेरानी ने बताया कि इंटरनेट प्रतिबंधों की समीक्षा के लिए गठित विशेष साइबरस्पेस टास्क फोर्स ने सोमवार को अपनी बैठक पूरी की और इंटरनेट सेवा बहाल करने की सिफारिश की। राष्ट्रपति ने इस संबंध में संचार मंत्रालय को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में हम लोगों को उनका यह मौलिक अधिकार वापस दिलाने में सफल होंगे। उन्होंने सेक्रेड डिफेंस म्यूजियम के बगीचे में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जोर देकर कहा कि सरकार इंटरनेट प्रतिबंधों से जुड़ी सभी चिंताओं को दूर करने के लिए गंभीर कदम उठा रही है। मोहजेरानी ने राष्ट्रपति पेजेशकियान और पूरी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि इंटरनेट पर लगे प्रतिबंध, अन्याय और भेदभाव को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा।
87 दिनों तक रहा लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट
इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, ईरान में पिछले 87 दिनों से अधिक समय तक लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट रहा। ये प्रतिबंध इजरायल और अमेरिका के सैन्य अभियानों के दौरान लगाए गए थे, जिससे आम नागरिकों की सूचना पहुंच बुरी तरह प्रभावित हुई और इंटरनेट पर निर्भर व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा।
गौरतलब है कि 8 जनवरी को देशव्यापी शासन-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान पहली बार सख्त इंटरनेट प्रतिबंध लगाए गए थे। फरवरी में इन्हें आंशिक रूप से ढीला किया गया था, लेकिन 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों की शुरुआत के साथ फिर से पूर्ण ब्लैकआउट लागू कर दिया गया था।
खामेनेई का अमेरिका को सख्त संदेश
इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने मंगलवार को पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर चेतावनी दी। हज यात्रा के प्रारंभ पर दिए गए संबोधन में खामेनेई ने कहा कि समय का पहिया पीछे नहीं मुड़ता। इस क्षेत्र के राष्ट्र और भूमि अब अमेरिकी ठिकानों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनेंगे। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस क्षेत्र में बहरीन, कुवैत, इराक, संयुक्त अरब अमीरात और कतर सहित कम से कम 19 स्थानों पर सैन्य ठिकानों का नेटवर्क संचालित करता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका सख्त
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चाओं के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा लगाए जा रहे टोल की कड़ी निंदा की। रुबियो ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी टोल के खुला होना चाहिए। जो हो रहा है वह गैरकानूनी, अवैध, अस्थिर और पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान को छोड़कर दुनिया का कोई भी देश इस टोल प्रणाली को स्वीकार नहीं करता। रुबियो ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र के कई नेताओं के साथ ऐतिहासिक वार्ता की है और प्रारंभिक मसौदे पर मजबूत सहमति बन चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि अब या तो कुछ दिनों में अच्छा समझौता होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा।
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