US iran peace deal today trump Enriched Uranium strait of hormuz Qatar Talks Frozen Iranian Assets अमेरिका-ईरान में आज होगी महाडील? ट्रंप की परमाणु यूरेनियम वाली जिद ने बढ़ाई टेंशन, International Hindi News - Hindustan
More

अमेरिका-ईरान में आज होगी महाडील? ट्रंप की परमाणु यूरेनियम वाली जिद ने बढ़ाई टेंशन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते का संकेत दिया है। जानिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और तेल सप्लाई पर क्या असर होगा।

Tue, 26 May 2026 06:40 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
share
अमेरिका-ईरान में आज होगी महाडील? ट्रंप की परमाणु यूरेनियम वाली जिद ने बढ़ाई टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच महीनों चले युद्ध के बाद अब एक ऐतिहासिक शांति समझौते की रूपरेखा लगभग तैयार हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील के "लगभग तय" होने की घोषणा की है, जिसमें कतर एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस डील का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर भारत पर पड़ेगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने और ईरान पर लगे प्रतिबंध हटने से कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई चेन सुधरेगी, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने की पूरी संभावना है।

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की प्रमुख शर्तें

कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से हो रही इस बातचीत में एक 60-दिवसीय संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी खत्म करने का संकेत दिया है।

इसके बदले में ईरान को दुनिया के सबसे अहम ट्रेड रूट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खोलना होगा। सूत्रों के अनुसार, इस समझौते के तहत विदेशों में जब्त ईरान की करीब 25 अरब डॉलर की संपत्ति को भी अनफ्रीज किया जा सकता है।

हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने जल क्षेत्र का नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जो हाल ही में भारत दौरे पर भी रहे हैं, इस डील को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

ट्रंप की सख्त चेतावनी और परमाणु शर्त

समझौते के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना रुख बेहद सख्त रखा है। मेमोरियल डे के मौके पर हालिया युद्ध में मारे गए 13 अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु बम नहीं बनाने दिया जाएगा।

"ईरान का संवर्धित यूरेनियम या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाएगा, या फिर इसे अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में पूरी तरह नष्ट किया जाएगा। हम मध्य-पूर्व में अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।" - डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:फिर भड़की ईरान-अमेरिका जंग?US सेना का हमला, होर्मुज से सटे बंदर अब्बास में धमाके

ईरान-अमेरिका तनाव: अब तक की टाइमलाइन

इस विवाद की जड़ें इस साल की शुरुआत में शुरू हुए सैन्य ऑपरेशन्स और प्रतिबंधों से जुड़ी हैं। इस तनाव को समझने के लिए यह टाइमलाइन अहम है:

फरवरी 2026: अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की शुरुआत।

अप्रैल 2026: अमेरिका ने कड़े आर्थिक कदम उठाते हुए ईरानी बंदरगाहों की पूर्ण नाकेबंदी कर दी।

मई 2026 (शुरुआत): ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने से वैश्विक स्तर पर तेल संकट और सप्लाई चेन ठप।

26 मई 2026: कतर के प्रयासों से शांति वार्ता में बड़ी सफलता, ट्रंप द्वारा समझौते के अंतिम चरण में होने का ऐलान।

समझौते के अहम बिंदु: एक नजर में

नीचे दी गई टेबल में इस प्रस्तावित शांति समझौते की प्रमुख शर्तों और दावों की तुलना की गई है:

डील का मुद्दा प्रस्तावित समझौता
स्ट्रेट ऑफ होर्मुजबिना किसी टोल के 60 दिनों के लिए व्यापारिक जहाजों के लिए खोला जाएगा।
फ्रीज एसेट्स (जब्त संपत्ति)ईरान के विदेशों में फंसे लगभग 25 अरब डॉलर को रिलीज करने पर सहमति।
संवर्धित यूरेनियम (Uranium)ईरान अपने उच्च संवर्धित (60% शुद्धता वाले) यूरेनियम का जखीरा अमेरिका या रूस को सौंपेगा या नष्ट करेगा।
अमेरिकी सैन्य और आर्थिक नाकेबंदीअमेरिका तुरंत ईरानी बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा और तेल बेचने की छूट देगा।
,

इजरायल की चिंताएं और रिपब्लिकन नेताओं का विरोध

एक तरफ जहां डील की बातें चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर कड़ा विरोध भी शुरू हो गया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस डील से खुद को दरकिनार महसूस कर रहे हैं। इजरायल का मानना है कि ईरान को वित्तीय छूट मिलने से मध्य-पूर्व में प्रॉक्सी युद्ध और भड़केगा।

वहीं, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और कई रिपब्लिकन नेताओं ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की है। पोम्पिओ ने इसे "ओबामा काल की गलतियों को दोहराने वाला कदम" बताया है और कहा है कि 25 अरब डॉलर मिलने से ईरान अपने सैन्य ढांचे को और मजबूत करेगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:समझौता होगा या बढ़ेगा टकराव? ईरान पर डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति बनी पहेली

भारत के लिए इस डील के मायने

भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से होकर आता है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत के आयात की मालभाड़ा (Freight) लागत तेजी से बढ़ गई थी। इस डील के लागू होने से भारत को सबसे बड़ी राहत मिलेगी।

कच्चे तेल की बेरोकटोक सप्लाई शुरू होने से न केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिरेंगी, बल्कि भारत में महंगाई दर को भी काबू में रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, ईरान के चाबहार पोर्ट में भारत के निवेश और रणनीतिक हितों को भी इस युद्ध विराम से नई गति और सुरक्षा मिलेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की मध्यस्थता कौन कर रहा है?

इस ऐतिहासिक शांति समझौते को सफल बनाने में कतर और पाकिस्तान प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। कतर में ही दोनों देशों के डेलिगेशन के बीच बातचीत हुई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:न अमेरिका माना, न आसिम मुनीर की सुन रहा ईरान; चक्कर काट रहा मीडिएटर पाकिस्तान

Q2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया और भारत के लिए क्यों जरूरी है?

यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑयल चोकपॉइंट' है। विश्व का लगभग 20-30% तेल व्यापार इसी रास्ते से होता है। इसके बंद होने से भारत जैसे तेल आयातक देशों में ईंधन की भारी किल्लत और महंगाई का खतरा पैदा हो जाता है।

Q3. ट्रंप ने ईरान के यूरेनियम को लेकर क्या शर्त रखी है?

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान के पास मौजूद 60% तक संवर्धित यूरेनियम (लगभग 440 किलोग्राम) या तो अमेरिका को सौंपा जाएगा, या फिर उसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट कर दिया जाएगा।

Q4. ईरान के 'फ्रीज एसेट्स' क्या हैं जिन्हें इस डील में खोला जा सकता है?

विभिन्न प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर के अलग-अलग बैंकों में ईरान का जो पैसा फ्रीज (रुक) गया है, उसे फ्रीज एसेट्स कहते हैं। इस डील के तहत ईरान के लगभग 25 बिलियन डॉलर जारी किए जा सकते हैं, जिससे उसे बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।