लेबनान में 200 से ज्यादा लोगों को मारने के बाद इजरायल बोला- बातचीत करने को तैयार
लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में एक दिन में 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश लेबनान के साथ सीधे बातचीत शुरू करने को तैयार है।

लेबनान में इजरायली हवाई हमलों में एक दिन में 200 से ज्यादा लोगों के मारे जाने के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश लेबनान के साथ सीधे बातचीत शुरू करने को तैयार है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को इजरायल की वायुसेना ने देश भर में 100 से अधिक ठिकानों पर एक साथ हमले किए, जिसमें कम से कम 203 लोग मारे गए और 1000 से ज्यादा घायल हुए। कई जगहों पर मास कैजुअल्टी की स्थिति बन गई। लेबनान सरकार ने गुरुवार को पूरे देश में शोक दिवस घोषित कर दिया।
क्यों बोले इजरायली प्रधानमंत्री?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अपने मंत्रिमंडल को लेबनान के साथ जितनी जल्दी संभव हो, सीधी शांति वार्ता शुरू करने का निर्देश दे दिया है। इन वार्ताओं के केंद्र में लेबनान स्थित आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह का पूर्ण निरस्त्रीकरण होगा। नेतन्याहू ने कहाकि लेबनान की ओर से इजरायल के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के बार-बार अनुरोधों को देखते हुए, मैंने कल कैबिनेट को निर्देश दिया कि लेबनान के साथ यथाशीघ्र सीधी वार्ता आरंभ की जाए।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने वार्ता के दायरे को स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य 'हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना और इजरायल तथा लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना' होगा। प्रधानमंत्री की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल और लेबनान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
लेबनान में 203 की मौत, 1000 घायल
वहीं, लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बुधवार को मध्य बेरुत और अन्य क्षेत्रों में इजरायल के हमलों में कम से कम 203 लोग मारे गए और 1000 से अधिक घायल हो गए। इजराइल और लेबनान के चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह के बीच युद्ध छिड़ने के बाद से पिछले पांच सप्ताह में बुधवार को सबसे ज्यादा लोग मारे गए। दूसरी ओर इजरायल की सेना ने कहा कि उसने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, बिना किसी चेतावनी के जिन इमारतों पर हमला किया गया, उनमें से कई घनी आबादी वाले व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों में थीं, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर नागरिक हताहत हुए।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को 'बर्बर' करार दिया। इजरायल ने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम हिजबुल्लाह पर लागू नहीं है। भीषण हमलों के बाद बेरुत और अन्य जगहों पर बचावकर्मी जीवित बचे लोगों और शवों की तलाश में जुटे रहे। बेरुत में मकसीद अस्पताल के डॉ वेल जारोश ने बताया कि विस्फोट के 10 मिनट के भीतर अस्पताल में करीब 70 मरीज लाए गए। जारोश ने बताया कि दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से तीन गहन चिकित्सा इकाई में हैं।
इजरायल ने कहा कि उसने हमलों में हिजबुल्ला नेता नईम कासिम के सहयोगी और भतीजे अली यूसुफ हर्षी को मार गिराया। हिजबुल्ला ने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानून का 'स्पष्ट उल्लंघन' बताते हुए कहा कि कहा कि लेबनान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तत्काल शिकायत दर्ज कराएगा।
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