सबूत नष्ट करने के लिए दिया जा रहा समय? अजित पवार के प्लेन क्रैश की जांच में देरी पर भड़के MLA भतीजा
ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने के कारणों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि परिस्थितियां अजित पवार के विमान दुर्घटना के बारे में पहले से मौजूद संदेहों को और पुष्ट करती हैं कि क्या यह दुर्घटना आकस्मिक थी या किसी साजिश का नतीजा।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री और अपने चाचा अजित पवार के विमान दुर्घटना की जांच में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। रोहित पवार ने मंगलवार को कहा कि क्या यह देरी जांच एजेंसियों द्वारा दिवंगत पवार के व्यक्तित्व की गंभीरता का आकलन करने में विफल रहने के कारण हुई या फिर यह विमान आपूर्तिकर्ता, वीआरएस कंपनी को सबूत नष्ट करने का समय देने के उद्देश्य से हो रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कंपनी को प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है?
जांच एजेंसियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद लगी आग में अत्यधिक तापमान होने से ब्लैक बॉक्स का डेटा क्षतिग्रस्त हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों रिकॉर्डर प्रभावित हुए, हालांकि लेवल-3 का कुछ संचार डेटा प्राप्त किया गया है लेकिन रोहित पवार ने इस स्पष्टीकरण पर संदेह व्यक्त किया है।
ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने पर संदेह
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में हुए अनेक विमान हादसों में ब्लैक बॉक्स सुरक्षित बरामद किए गए हैं। इस विशेष मामले में ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने के कारणों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि परिस्थितियां अजित पवार के विमान दुर्घटना के बारे में पहले से मौजूद संदेहों को और पुष्ट करती हैं कि क्या यह दुर्घटना आकस्मिक थी या किसी साजिश का नतीजा। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी सच्चाई सामने नहीं आ जाती वह चुप नहीं बैठेंगे।
ये घटना दुर्घटना थी या कोई साजिश
चंद्रकांत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की शहरी इकाई और अजित पवार गुट के बीच प्रस्तावित विलय के संबंध में एक संवाददाता सम्मेलन के स्थगन को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए रोहित पवार ने कहा कि फिलहाल राजनीति एक गौण मुद्दा है। उन्होंने कहा, “हमारे लिए दादा के विमान दुर्घटना की जांच सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विलय से संबंधित चर्चाओं एवं निर्णयों के बारे में हमारे पास पूरी जानकारी है, साथ ही सबूत भी हैं। हम उचित समय पर इस पर बात करेंगे और मीडिया के साथ विवरण साझा करेंगे। इस समय हालांकि यह निर्धारित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि घटना दुर्घटना थी या कोई साजिश।”
CBI जांच की भी मांग
बता दें कि मंगलवार को ही राज्य की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर अजित पवार के प्लेन क्रैश की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। सुनेत्रा पवार ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें 28 जनवरी को हुए उस विमान हादसे की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए औपचारिक रूप से एक पत्र सौंपा। उस प्रतिनिधिमंडल में सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ और उनके बड़े बेटे पार्थ पवार शामिल थे। सीबीआई जांच की मांग उस समय तेज हुई है जब रोहित पवार ने सार्वजनिक रूप से अपने चाचा की मृत्यु का कारण बने इस हादसे की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। 10 फरवरी को भी रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि यह त्रासदी महज एक साधारण दुर्घटना नहीं हो सकती और उन्होंने इसमें किसी साजिश की संभावना जताई थी।




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