मदरसा ने छात्रा से मांगा वर्जिनिटी सर्टिफिकेट; अल्पसंख्यक आयोग भड़का, ऐक्शन की मांग
प्यारे खान ने कहा, ‘मैंने यूपी का मामला देखा है। मैं महाराष्ट्र के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर रहा हूं, जिसमें सभी अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों की जांच के लिए एक टीम गठित करने का आग्रह किया गया है।’

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मदरसा की ओर से कक्षा 7 की 13 वर्षीय छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने का मामला गरमाया हुआ है। इसे लेकर महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने तत्काल कार्रवाई का ऐलान किया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैंने यूपी का मामला देखा है। मैं महाराष्ट्र के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर रहा हूं, जिसमें सभी अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों की जांच के लिए एक टीम गठित करने का आग्रह किया गया है। इस जांच में बाल विभाग के अधिक से अधिक लोगों को शामिल किया जाए और बच्चों से काउंसलिंग के जरिए यह पता लगाया जाए कि क्या यहां भी ऐसा कुछ हो रहा है।'
प्यारे खान ने कहा कि अगर हमें ऐसा कोई व्यक्ति या संगठन मिले, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, सभी संस्था संचालकों को जेल भेज दिया जाएगा। वहीं, मुरादाबाद पुलिस ने इस मामले की शिकायत मिलने के बाद संस्थान के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार, 8वीं कक्षा की यह छात्रा स्कूल प्रशासन को सूचित किए बिना लंबे समय से संस्थान में नहीं आ रही थी। मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले पिता ने मुरादाबाद स्थित बोर्डिंग स्कूल में अपनी बेटी के दोबारा नामांकन के लिए संपर्क किया था। अधिकारियों ने एडमिशन देने से इनकार कर दिया और वर्जिनिटी रिपोर्ट की मांग की।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारी राजेश कुमार ने बताया, 'स्कूल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है और निष्कर्षों के आधार पर कानून की उचित धाराएं जोड़ी जाएंगी।' मदरसा और इंटर कॉलेज दोनों के रूप में संचालित यह संस्थान उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा है। वर्जिनिटी रिपोर्ट मांगने की शिकायत सामने आते ही भारी हंगामा मच गया और लोगों ने इसकी कड़ी चिंता की। इंटरनेट यूजर्स ने कमेंट करके कहा कि ऐसे मदरसे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।




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