स्वयंभू बाबा अशोक खरात का हो सकता है मुठभेड़ में सफाया, महिला सांसद का सनसनीखेज दावा
कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने मंगलवार को दावा किया कि बलात्कार के कई मामलों में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। इसके पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहाकि अगर वह जिंदा रहा तो उससे जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है।

कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने मंगलवार को दावा किया कि बलात्कार के कई मामलों में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। इसके पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहाकि अगर वह जिंदा रहा तो उससे जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है। शिंदे ने यहां पत्रकारों से कहाकि मुझे लगता है कि खरात का मुठभेड़ में सफाया किया जाएगा। कारण स्पष्ट है, उससे जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है। ये नाम भी सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े हैं, जिनमें मंत्री भी शामिल हैं।
कुछ बुरा हो सकता है
प्रणीति ने कहाकि और भी सबूत सामने आ सकते हैं, लेकिन उससे पहले उसके (खरात के) साथ कुछ बुरा हो सकता है। खरात को नासिक पुलिस ने तीन साल से अधिक समय तक एक महिला के साथ बार-बार बलात्कार करने के आरोप में 18 मार्च को गिरफ्तार किया था। बाद की जांच में यौन शोषण, भूमि हड़पने और धोखाधड़ी के और भी मामले सामने आए। पिछले कुछ वर्षों में, कई प्रमुख नेता सिन्हार तहसील में खरात द्वारा निर्मित एक मंदिर में दर्शन करने गये थे। शिंदे के दावे पर महाराष्ट्र के मंत्री एवं भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कुछ लोग जांच में सहयोग करने के बजाय निराधार दावे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दावे जांच की दिशा भटकाने का प्रयास प्रतीत होते हैं।
पुलिस हिरासत में है खरात
खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है। उसके खिलाफ अहिल्या नगर और नासिक शहर में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से आठ यौन उत्पीड़न से जुड़े हैं। एसआईटी की प्रमुख एवं भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की अधिकारी तेजस्वी सतपुते ने मंगलवार को बताया कि उनकी टीम ने अब तक 30 गवाहों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं। सतपुते ने संवाददाताओं को बताया कि पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने पीड़ितों और उनके परिवारों की आस्था का फायदा उठाया। पीड़ित परिवार के सदस्यों में मृत्यु का भय पैदा करके और पत्थर, इमली के बीज जैसी चीजों का इस्तेमाल करके तथा अनुष्ठान करके उसने उनसे पैसे वसूले।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खरात और उसकी संपत्तियों से कथित तौर पर जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। सतपुते ने कहा कि एसआईटी ने खरात के खिलाफ मामलों की जांच के लिए 24-सदस्यीय विशेष दल का गठन किया है।
दिव्य शक्ति के इस्तेमाल का दावा कर डराता था
गौरतलब है कि यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार स्वयंभू धर्मगुरु एवं ज्योतिषी अशोक खरात के खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कहाकि आरोपी ने ‘दिव्य शक्ति’ होने का दावा करके महिलाओं का यौन शोषण किया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, खरात ने महिलाओं को भयभीत किया कि अगर वे उसकी बात नहीं मानेंगी तो उसकी ‘दैवीय शक्तियों’ के प्रभाव से उनके (महिलाओं के) परिवार के सदस्यों की मौत हो जाएगी या उन्हें वह बदनाम कर देगा। जांच के मुताबिक, खरात महिलाओं को अपने प्रभाव में लेने के लिए अनुष्ठान का सहारा लेता था और डराने-धमकाने तथा ‘दिव्य आह्वान’ के लिए पत्थर और इमली के बीज जैसी वस्तुओं का इस्तेमाल करता था।




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