CBI Teams in Londan as Nirav Modi will be bring back to India Soon भगोड़े नीरव मोदी को भारत लाने के रास्ते खुले, लंदन पहुंची CBI की टीमें; प्रत्यर्पण कब?, India News in Hindi - Hindustan
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भगोड़े नीरव मोदी को भारत लाने के रास्ते खुले, लंदन पहुंची CBI की टीमें; प्रत्यर्पण कब?

भगोड़े नीरव मोदी को जल्द ही भारत वापस लाया जा सकता है। आधिकारिक सरकारी सूत्रों ने इस बारे में अहम जानकारी दी है। इसके मुताबिक नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला अंतिम दौर में है। इसके मुताबिक सीबीआई की टीमें इसके लिए लंदन में मौजूद हैं।

Tue, 14 April 2026 10:45 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान
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भगोड़े नीरव मोदी को भारत लाने के रास्ते खुले, लंदन पहुंची CBI की टीमें; प्रत्यर्पण कब?

भगोड़े नीरव मोदी को जल्द ही भारत वापस लाया जा सकता है। आधिकारिक सरकारी सूत्रों ने इस बारे में अहम जानकारी दी है। इसके मुताबिक नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला अंतिम दौर में है। इसके मुताबिक सीबीआई की टीमें इसके लिए लंदन में मौजूद हैं। जैसे ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, नीरव मोदी को भारत लाया जाएगा।

पूरी तरह से सकारात्मक संकेत
जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अहम बाधाएं दूर हो चुकी हैं। न्यूज 18 के मुताबिक लंदन में सीबीआई की टीमों की मौजूदगी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसे भारत लाने में अब ज्यादा समय नहीं लगने वाला है। अगर नीरव मोदी को भारत वापस लाया जाता है तो यह सरकार के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। इसके साथ ही भगोड़ों पर कानूनी शिकंजा कसने के मामले में आगे चलकर नजीर बनेगा। भारत वापस लाए जाने के बाद नीरव मोदी पर फ्रॉड केस में मुकदमा चलाया जा सकता है।

कौन है नीरव मोदी
बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बुटीक स्टोर और कान फिल्म फेस्टिवल में उपस्थिति के कारण प्रसिद्ध हुआ यह 55 वर्षीय जौहरी 19 मार्च, 2019 को ब्रिटेन में गिरफ्तारी के बाद से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। भारत में भगोड़ा घोषित मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी (जो बेल्जियम की जेल में बंद हैं) के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में 13,000 करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम देने का आरोप है। सीबीआई के अनुसार, मोदी ने कुल गबन की गई राशि में से अकेले 6,498.20 करोड़ रुपए की धांधली की।

मार्च में अपील हुई थी खारिज
इससे पहले मार्च में ब्रिटेन के ‘हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस’ ने मोदी की प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका पर फिर से सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया था। इससे ब्रिटेन में नीरव मोदी के लिए सभी कानूनी रास्ते बंद हो गए। इसके बाद उसने यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) का रुख किया। ब्रिटेन मानवाधिकारों पर यूरोपीय संधि का हस्ताक्षरकर्ता देश है। लॉर्ड जस्टिस स्टुअर्ट-स्मिथ और जस्टिस जे की पीठ वाली ‘हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस’ ने दंड प्रक्रिया नियमों के तहत मोदी की अपने प्रत्यर्पण अपील को फिर से खोलने की याचिका को खारिज कर दिया था।

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मोदी की अपील को दोबारा खोलने की अर्जी हथियार कारोबारी संजय भंडारी के प्रत्यर्पण मामले में फरवरी 2025 के फैसले पर आधारित थी। इस केस में अदालत ने भारतीय एजेंसियों द्वारा जबरन कबूलनामे हासिल करने के लिए यातना के इस्तेमाल को आम बात और व्यापक समस्या बताया था।