हमें कोई आपत्ति नहीं; ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ी परिवार की किस मांग पर बोली भोपाल पुलिस
एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर कई चोटों के निशान होने का उल्लेख किया गया था, जिसके बाद मृतका के परिजन बेटी की हत्या होने की आशंका जता रहे हैं। इसी वजह से उन्होंने बेटी का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर अदालत में याचिका लगाई है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई नोएडा की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। महिला का परिवार लगातार अपनी बेटी के दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है, इसी बीच भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने बुधवार को कहा कि रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा (33 साल) का दूसरा पोस्टमार्टम कराने से पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है। ट्विशा पिछले सप्ताह भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। जिसके बाद हुए पोस्टमार्टम पर आपत्ति जताते हुए महिला के परिजनों ने भोपाल की एक अदालत में ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए अर्जी लगाई थी। जिस पर ऐक्शन लेते हुए अदालत ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी केस डायरी तलब की। नोएडा निवासी ट्विशा के परिजनों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
ट्विशा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। इसके बाद पुलिस ने महिला के परिजनों की शिकायत पर मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु तथा प्रताड़ना का मामला दर्ज किया था। इसी बीच भोपाल पुलिस ने पीड़िता के परिवार से उसके शव को अपने कब्जे में लेने का अनुरोध किया है। पुलिस ने इसकी वजह AIIMS भोपाल में बहुत कम तापमान पर शव को सुरक्षित रखने की सुविधाओं की कमी के कारण शव के सड़ने की आशंका बताई है। इस बारे में जानकारी देते हुए कटारा हिल्स पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) ने बुधवार को ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने बताया कि ट्विशा की मौत के बाद 13 मई को उसका पोस्टमॉर्टम किया गया था, और फिलहाल शव को AIIMS भोपाल की मोर्चरी में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा गया है।
इस बारे में पीटीआई-भाषा से बात करते हुए पुलिस आयुक्त ने कहा, 'मृतका के परिजन मुझसे मिले और उन्होंने एक आवेदन दिया। मैंने उनसे कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम पर पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।' उन्होंने बताया कि दोबारा पोस्टमार्टम की मांग करने वाला आवेदन, केस डायरी के साथ संलग्न कर दिया गया है, लेकिन इसकी अनुमति केवल अदालत ही दे सकती है।
पुलिस आयुक्त ने कहा, 'हमें मृतका के दोबारा पोस्टमार्टम से कोई एतराज नहीं है। यदि दूसरा पोस्टमार्टम होता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। हमने अपनी जांच की है और साक्ष्यों की पड़ताल की है। इन चीजों में थोड़ा समय लगता है।' कुमार ने बताया कि ट्विशा के पति और वकील समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आयुक्त का यह बयान ऐसे समय में आया है जब न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) की अदालत मृतका के परिजनों की उस अर्जी पर केस डायरी की जांच करने वाली है, जिसमें नए सिरे से पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई है। समर्थ और ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी।
पत्र में आगे उन्होंने लिखा कि 'AIIMS अधिकारियों ने 18 मई की रात को पुलिस को बताया था कि शरीर को सड़ने से बचाने के लिए, उसे आदर्श रूप से माइनस 80 डिग्री सेल्सियस पर सुरक्षित रखा जाना चाहिए, और यह सुविधा भोपाल एम्स अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि चूंकि शरीर लंबे समय से मुर्दाघर में पड़ा है, इसलिए उसके सड़ने की प्रबल आशंका है। इसलिए, हम विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि आप शरीर को अपनी सुपुर्दगी में ले लें।'
एम्स भोपाल की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर कई चोटों के निशान होने का उल्लेख किया गया था, जिसके बाद मृतका के परिजन बेटी की हत्या होने की आशंका जता रहे हैं। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही गई, उसे जांच अधिकारी समय पर एम्स नहीं ले गए, जिसके कारण डॉक्टर उस बेल्ट और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। इसके अलावा परिजनों ने यह भी कहा कि ट्विशा के मृत पाए जाने के तीन दिन बाद FIR दर्ज की गई। इन्हीं सब वजहों से मौत के नौ दिन बाद भी ट्विशा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।




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