उज्जैन: 22 घंटे बाद बोरवेल से निकाला गया 3 साल का भगीरथ, मासूम ने तोड़ा दम
दो बार प्रयास नाकाम हो चुके थे। रेस्क्यू टीम को उसके हाथों में रोप रिंग पहनाकर बाहर निकालने में सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बाद लोहे की छड़, रस्सी के साथ बोरवेल की मोटर निकलने वाली मशीन से प्रयास कर रही थी।

22 घंटे बीत जाने के बाद 200 फिट बोरबेल से 3 साल के मासूम भगीरथ को बोरबेल से निकाल लिया गया है। हालांकि बच्चे की मौत हो चुकी है, मौके पर SDRF ओर NDRF के साथ प्रसासन की टीम मौजूद है। मासूम बच्चे को NDRF टीम ने अपने इक्विपमेंट से हाथ बंधे निकाला है। हालांकि टीम गुरुवार देर रात से ही प्रयास कर रही थी।
इस दौरान दो बार प्रयास नाकाम हो चुके थे। रेस्क्यू टीम को उसके हाथों में रोप रिंग पहनाकर बाहर निकालने में सफलता नहीं मिल पाई थी। इसके बाद लोहे की छड़, रस्सी के साथ बोरवेल की मोटर निकलने वाली मशीन से प्रयास कर रही थी। शुक्रवार दोपहर बाद से ही एनडीआरएफ ओर एसडीआरएफ टीम ने प्रयास तेज कर दिए है, मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद है।
40 फीट पर स्टेबल किया था
शुक्रवार दिन में रेस्क्यू टीम ने बोरिंग मशीन लगाकर मासूम बच्चे को 40 फीट पर स्टेबल किया था इसके बाद से ही समांतर एक टनल बनाई जा रही थी, जिसमे 5 पोकलेन मशीन इस कार्य को कर रही है, उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा के साथ एसडीएम तहसीलदार के साथ सीएचएमओ डॉक्टर मौके पर मौजूद रहे।
सीएम मोहन ने क्या कहा?
सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा है कि ‘उज्जैन के बड़नगर अंतर्गत झलारिया गांव में बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय भागीरथ के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDERF और NDRF की टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश बालक को नहीं बचाया जा सका। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। सरकार की ओर से परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें।’
घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही
एसपी ने बताया कि बच्चे के शव को बड़नगर के शासकीय अस्पताल भेजा गया है। पुलिस टीम भी वहां पहुंच रही है। मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि हादसे के जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके। साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने वाले सभी लोगों और टीमों का आभार भी व्यक्त किया गया।
कैसे गिरा मासूम?
इससे पहले एसपी ने बताया था कि बच्चे के पिता भेड़ चराने का काम करते हैं। उन्होंने परिजनों के हवाले से बताया था कि गुरुवार शाम परिवार के लोग भेड़ चरा रहे थे, तभी एक भेड़ से बोरवेल पर रखा पत्थर खिसक गया। अधिकारी ने बताया कि पीछे से आ रहे बच्चे ने जिज्ञासावश ढक्कन हटाकर बोरवेल में झांका तभी वह उसमें गिर गया।
रिपोर्ट: विजेन्द्र यादव
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