नींद खराब हुई, तो चाकू से फोड़ दी आंख... रीवा में छोटे भाई ने बड़े भाई का किया मर्डर
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र से हत्या का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। यहां छोटे भाई ने सिर्फ इसलिए अपने बड़े भाई की हत्या कर दी, क्योंकि उसकी नींद में खलल पड़ा था।

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र से हत्या का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। यहां छोटे भाई ने सिर्फ इसलिए अपने बड़े भाई की हत्या कर दी, क्योंकि उसकी नींद में खलल पड़ा था। घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और रिश्तों की इस कड़वाहट ने सबको हैरान कर दिया है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
नींद खराब हुई, तो चाकू से फोड़ दी आंख...
पूरा मामला रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरदुआ का है, जहां बीती रात एक मामूली सी बात पर सगे भाई का कत्ल कर दिया गया। धर्मेंद्र कोल अपने घर में लेटा हुआ था, तभी उसके बड़े भाई जितेंद्र कोल की वजह से उसके नींद में खलल पड़ गया। किसी को अंदाज़ा भी नहीं था कि ये मामूली सी बात मौत का सबब बन जाएगी। नींद में खलल पड़ने से आगबबूला हुए धर्मेंद्र का जितेंद्र से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते ये बहस इतनी हिंसक हो गई कि छोटे भाई ने, आव देखा न ताव, और धारदार चाकू से अपने ही सगे बड़े भाई की आंख पर हमला कर दिया। हमला इतना खतरनाक था कि मौके पर ही बड़े भाई की मौत हो गई।
अंधेरे का फायदा उठाकर हत्या करके हुआ फरार
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी धर्मेंद्र अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। घटना की खबर मिलते ही गुढ़ थाना प्रभारी शैल यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें अब फरार कातिल भाई की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ते अपराध और खत्म होते बर्दाश्त के स्तर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोपी की घेराबंदी कर रही पुलिस, छानबीन जारी
आरोपी के मोबाइल लोकेशन और करीबियों से पूछताछ के आधार पर घेराबंदी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि कानून के हाथ आरोपी की गर्दन तक जल्द पहुंचेंगे और उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि समाज में इस तरह के जघन्य अपराधों के लिए एक कड़ा संदेश जाए। ऐसी घटनाएं समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और खोते धैर्य का जीता-जागता उदाहरण हैं।
रिपोर्ट- सादाब सिद्दीकी




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