मध्य प्रदेश में लौट रही कड़ाके की ठंड! ओले-बारिश और कोहरे का अलर्ट जारी
बीती रात से राज्य के कई जिलों में ओले-बारिश देखने को मिली। मंदसौर और ग्वालियर जैसे इलाकों में एक तरफ ओले गिरे तो वहीं भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर-मालवा और गुना जैसे हिस्सों में बारिश देखने को मिली।

मध्य प्रदेश के लोग ओले, बिजली, बारिश और आंधी के दौर से गुजर रहे हैं। मौसम के ऐसा होने की वजह है- वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ। बीती रात से राज्य के कई जिलों में ओले-बारिश देखने को मिली। मंदसौर और ग्वालियर जैसे इलाकों में एक तरफ ओले गिरे तो वहीं भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर-मालवा और गुना जैसे हिस्सों में बारिश देखने को मिली।
20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट
इसे ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने करीब 20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट जारी किया है। अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही कहा गया है कि 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तर भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, इसके चलते एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजधानी भोपाल के मौसम का हाल
मंगलवार की सुबह राजधानी भोपाल में हल्की बारिश हुई है। शहर भर में धुंध के चलते दृश्यता में कमी आई है। मौसम विभाग ने यहां भी अगले 3 दिनों तक मध्यम से घना कोहरा रहने का अनुमान लगाया है। कोहरे और बारिश के चलते इलकों में ट्रेनों की आवाजाही स्लो रही। इसके चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। कोहरा और बारिश के चलते तापमान में कोई खास गिरावट दर्ज नहीं की गई।
पहाड़ी राज्यों का असर मैदानों तक
एकदम से तेज सर्दी के लौटने जैसा एहसास हो रहा है। इसके पीछे की वजह है- पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर जैसे हिस्सों में बर्फबारी और बारिश का होना। इसकी हवाएं भी मैदानी इलाकों में आ रही हैं, जो रह-रहकर बारिश और ओले गिरने जैसी परिस्थितियों को जन्म दे रही हैं। मौसम विभाग ने भी अनुमान लगाया है कि एक बार फिर ठंड का दौर वापस लौट सकता है। इसके बाद प्रदेश के दिन रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी।




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