बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने से अभी और भीगेगा MP, IMD ने शुक्रवार को 27 जिलों के लिए दिया अलर्ट
शुक्रवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 17 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इस दौरान उज्जैन, शाजापुर, देवास, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना एवं सतना जिलों के अलग-अलग इलाकों में पानी गिरा।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की वजह से देश के अन्य हिस्सों के साथ मध्य प्रदेश में भी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में दो दिन पहले शुरू हुआ बारिश का दौर अभी आगे भी दो-तीन दिन जारी रह सकता है। इस दौरान मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 27 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए यहां गरज-चमक के साथ पानी गिरने की संभावना व्यक्त की है। बीते दिन के मौसम की बात करें तो प्रदेश के 17 जिलों में बारिश हुई, जिसमें से उज्जैन में सबसे ज्यादा 24 मिलीमीटर पानी गिरा, वहीं सीहोर में 41 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली। कल प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस खरगोन में दर्ज किया गया तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस कल्याणपुर (शहडोल) में दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश में बादल छाए रहने और 27 जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान विभाग ने भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर जिलों में वर्षा होने का अनुमान लगाया है। इसके अलावा 20 जिलों भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, रीवा, सतना, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में झंझावत और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
आने वाले चार दिन इन जिलों में बारिश की संभावना
20 फरवरी को इन जिलों में बारिश की उम्मीद- भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अशोकनगर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर।
21 फरवरी को इन जिलों में हो सकती है बरसात- छतरपुर, पन्ना, सतना, मऊगंज और रीवा
23 फरवरी को इन जिलों में वर्षा का अनुमान- नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट।
बीते दिन इन 17 जिलों में हुई बारिश
शुक्रवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 17 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इस दौरान उज्जैन, शाजापुर, देवास, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना एवं सतना जिलों के अलग-अलग इलाकों में पानी गिरा।
बीते दिन प्रदेश में हुई वर्षा के प्रमुख आंकड़े (मिमी में)
उज्जैन 24 मिमी, पेटलावद 20 मिमी, पचोर 11 मिमी, नालछा 8.6 मिमी, झाबुआ 8.2 मिमी, सरदारपुर 8 मिमी, गंधवानी 7 मिमी, नरसिंहगढ़ 7 मिमी, महिदपुर 7 मिमी, गौतमपुरा 6.9 मिमी, अलिराजपुर 6.4 मिमी, शमशाबाद 6 मिमी, देपालपुर 5.8 मिमी, कुक्षी 5 मिमी, भाभरा 4 मिमी, तिरला 4 मिमी, उमरवन 4 मिमी, बीना 4 मिमी, बड़नगर 4 मिमी, नटेरन 4 मिमी, सांवेर 3.9 मिमी, धार 3.5 मिमी, बैरसिया 3.4 मिमी, सारंगपुर 3.4 मिमी, उदयगढ़ 3 मिमी, निवाली 3 मिमी, टोंकखुर्द 3 मिमी, हाटपिपल्या 3 मिमी, सोनकच्छ 3 मिमी, शाहगढ़ 3 मिमी, गंजबासौदा 2.2 मिमी, कट्ठीवाड़ा 2 मिमी, देवास 2 मिमी, सतवास 2 मिमी, पीथमपुर 2 मिमी, बदनावर 2 मिमी, मनावर 2 मिमी, हातोड़ 2 मिमी, खुरई 2 मिमी, मालथौन 2 मिमी, शाजापुर 2 मिमी, मोमन बड़ोदिया 2 मिमी, गुलाना 2 मिमी, झार्डा 2 मिमी, इंदौर 1.8 मिमी, महू 1.7 मिमी, कोलार 1.4 मिमी, मझगांव 1.1 मिमी, ठिकरी 1 मिमी, बागली 1 मिमी, बाग 1 मिमी, रामा 1 मिमी, राणापुर 1 मिमी, शुजालपुर 1 मिमी, तराना 1 मिमी, पठारी 1 मिमी, विदिशा 1 मिमी, गुलाबगंज 1 मिमी, पानसेमल 0.6 मिमी, रायसेन 0.6 मिमी, दही 0.5 मिमी, घट्टिया 0.5 मिमी, सागर 0.4 मिमी, जोबट 0.2 मिमी और छतरपुर में 0.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
कहां किस रफ्तार से चली हवा
सीहोर में 41 KMPH, भोपाल सिटी 37 KMPH, शाजापुर 35 KMPH, इंदौर 33 KMPH, सागर 30 KMPH, उज्जैन 28 KMPH, बड़वानी 28 KMPH
सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां
पश्चिमी विक्षोभ अब ट्रफ के रूप में मध्य उत्तर प्रदेश से पूर्वी राजस्थान होते हुए उत्तर गुजरात तक 5.8 किमी ऊँचाई पर विस्तृत है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण हरियाणा और संलग्न पंजाब में 1.5 किमी ऊँचाई पर सक्रिय है। पूर्वोत्तर भारत के ऊपर औसत समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊँचाई पर लगभग 176 किमी/घंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 22 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।




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