एमपी में महिला कॉन्स्टेबल ने पुलिस क्वार्टर में लगाई फांसी; छुट्टी से लौटते ही उठाया कदम
मध्य प्रदेश के गुना में तैनात 25 वर्षीय महिला कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने अपने सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। दोपहर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो निशा फंदे से लटकी पाई गईं।

मध्य प्रदेश के गुना में तैनात 25 साल की एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपने सरकारी पुलिस क्वार्टर में पंखे से फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी तब हुई जब दोपहर तक उनका दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को फोन पर जानकारी दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो महिला कॉन्स्टेबल फंदे से लटकी मिलीं। वह मूल रूप से अशोक नगर की रहने वाली थीं। दो दिन की छुट्टी बिताकर सोमवार शाम को ही ड्यूटी पर लौटी थीं।
अधिकारियों ने बताया कि 25 वर्षीय महिला कॉन्स्टेबल निशा शर्मा ने कथित तौर पर पुलिस क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। निशा गुना के कोतवाली पुलिस स्टेशन में तैनात थीं। सूचना मिलने पर कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और निशा की लाश बदामद की। डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
गुना की पुलिस अधीक्षक (SP) हितिका वासल ने कहा कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले कि निशा शर्मा किसी परेशानी में थीं। निशा अशोक नगर जिले की रहने वाली थीं। निशा शर्मा के घर पर काम करने वाली महिला ने सुबह कई बार उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर वह चली गई।
बताया जाता है कि जब दोपहर तक निशा ने दरवाजा नहीं खोला तो परेशान पड़ोसियों ने कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन को सूचना दी। पुलिस की एक टीम जल्द ही मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा। टीम को निशा की लाश छत के पंखे से चादर के सहारे लटका मिली। कॉन्स्टेबल निशा शर्मा दो दिन की छुट्टी पर अशोक नगर स्थित अपने घर गई थीं। वह सोमवार शाम को ड्यूटी के लिए गुना लौटी थीं। घटना की जांच चल रही है।
इस बीच मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बिना इजाजत रेत निकालने वालों के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 11 गाड़ियां और दो जेसीबी मशीनें जब्त की गई हैं। इसके साथ ही भारी मात्रा में चोरी छिपे जमा करके रखी गई रेत भी बरामद हुई है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के आदेश पर घोड़ाडोंगरी इलाके के चिखलपाटी गांव में भड़ंगा नदी के पास राजस्व, पुलिस और माइनिंग विभाग की टीम ने मिलकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान सात ट्रैक्टर-ट्रॉली, दो डंपर और दो जेसीबी मशीनें जब्त की गईं।
बताया जाता है कि जब्त की गई कुछ गाड़ियां रेत से भरी हुई थीं। अब इन गाड़ियों के मालिकों, ड्राइवरों और रेत जमा करने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में शाहपुर के एसडीएम, घोड़ाडोंगरी के तहसीलदार, चोपना के नायब तहसीलदार, माइनिंग विभाग के अफसर और पुलिस बल शामिल रहे। प्रशासन ने साफ किया है कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत कार्रवाई की जाएगी। आगे की सुनवाई के लिए यह मामला बैतूल के अपर कलेक्टर कोर्ट में भेजा जाएगा।




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