उज्जैन में नर्स से छेड़छाड़, पुलिस ने मुस्लिम आरोपियों का निकाला जुलूस; गरमाया माहौल
उज्जैन के नागदा में हिंदू युवती से छेड़छाड़ के बाद आरोपियों ने धमकी दी। इस घटना के बाद पुलिस ने नासिर हुसैन, बिलाल अहमद, अली अहमद के खिलाफ मामला दर्ज कर उनका जुलूस निकाल दिया। घटना से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पउज्जैन के नागदा में एक हिंदू युवती से छेड़छाड़ के बाद आरोपियों ने उसे जान से मारने की कथित धमकी दी। इस घटना से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एक क्लिनिक में नर्स का काम करने वाली पीड़िता ने आटा चक्की संचालक नासिर हुसैन और उसके साथियों पर पिछले छह महीने से परेशान करने और रविवार को हदें पार कर देने वाली बदतमीजी करने का आरोप लगाया। वह पुलिस के पास घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। उसने बताया कि एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल किया गया। इस घटना से नाराज युवती हिंदू संगठनों के साथ थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गई। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और सोमवार को सुबह के वक्त उनका जुलूस निकाला। इस कार्रवाई से मुस्लिम समाज नाराज हो गया। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात है।
पूरे क्षेत्र में तनाव
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, उज्जैन जिले के नागदा में रविवार की रात एक हिन्दू युवती के साथ छेड़छाड़ की वारदात से पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया। शहर के मिर्ची बाजार स्थित एक क्लिनिक में नर्स के तौर पर काम करने वाली एक हिंदू युवती ने आरोप लगाया कि क्लिनिक के सामने आटा चक्की चलाने वाले नासिर हुसैन और उसके साथी बिलाल अहमद और अली अहमद उसे पिछले छह महीनों से परेशान कर रहे हैं।
पुलिस पर टालने का आरोप
युवती के अनुसार, रविवार को इन आरोपियों ने छेड़छाड़ की सारी हदें पार कर दीं। जब पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने कहा कि यदि मामला पुलिस तक पहुंचा तो बहुत बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसके बाद डरी-सहमी युवती शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंची। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने काफी देर तक उसे टालने की कोशिश की और समय पर कार्रवाई नहीं की।
थाने के बाहर धरना
पुलिस की इस टालमटोल की खबर जैसे ही शहर में फैली हिंदू संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा और बजरंग दलए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सहित भाजपा के पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत भी थाने पहुंच गए। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए थाने के बाहर धरना शुरू कर दिया।
भारी पुलिस बल तैनात
मांग थी कि न केवल छेड़छाड़ करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज हो वरन मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। साथ ही थाना प्रभारी का स्थानांतरण हो। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़ गए कि आरोपियों का शहर में जुलूस निकाला जाए। शहर का माहौल बिगड़ता देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मोर्चा संभाला।
बढ़ा दबाव तो दर्ज किया केस
आखिरकार बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने नासिर हुसैन, बिलाल अहमद, अली अहमद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। दूसरी ओर घटना की प्रतिक्रिया मुस्लिम समाज में भी देखने को मिली। जामा मस्जिद पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटे और सीएसपी विक्रम अहीरवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस से कहा कि किसी भी संगठन के दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई नहीं की जाए। पुलिस अधिकारियों से यह भी कहा गया कि आरोपियों को जुलूस नहीं निकाला जाना चाहिए।
आरोपियों का निकाला जुलूस, गरमाया माहौल
हालांकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंदू संगठनों के आक्रोश को शांत करने के लिए पुलिस ने सोमवार को सुबह के वक्त ही आरोपियों का जुलूस निकाल दिया। इससे माहौल और गरमा गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मुस्लिम समाज का कहना है कि आरोपियों पर दबाव में आकर बड़ी धाराएं लगाई गई हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने यह भी कहा कि जुलूस निकालना गलत था। आलम यह है कि पूरे नागदा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस हर संभव कोशिश कर रही है कि कोई अप्रिय घटना ना हो।




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