मीनाक्षी नटराजन का पर्चा रद्द, भाजपा तक केस के कागज कैसे पहुंचे? विजयवर्गीय ने बताई अंदर की बात
मध्य प्रदेश से कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। भाजपा ने इसे न्याय की जीत कहा है, तो वहीं कांग्रेस ने सीट चोरी। इस केस में भाजपा के कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा दावा करते हुए अंदर की बात बताई- आखिर भाजपा तक क्रिमिनल केस के कागज कैसे पहुंचे?

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की इकलौती राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा- हमारे कार्यकर्ता महेश केवट को आशीर्वाद मिला है। कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बातचीत में ये भी बताया कि मीनाक्षी केस से जुड़े कागज उन्हें कैसे मिले हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस की खस्ता हाल पर तंज भी कसा है।
विजयवर्गीय का दावा- कांग्रेस ने पहुंचाए कागज
भाजपा लोकतंत्र में विश्वास रखती है। चुनाव नहीं हुए, तो भी हमारे भाई राज्यसभा सदस्य बने हैं। चुनाव होते, तो भी बनते। इसके बाद उन्होंने कहा- हमें जो कागज मिले किसने दिए? कहां से आया हमारे पास? इस पर वहां मौजूद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोर से ठहाका मारते हुए हंस दिया। विजयवर्गीय ने मुस्कुराते हुए पहले तो इसका जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा- इसलिए कांग्रेस की क्या स्थिति है, आप सब लोग समझ सकते हैं।
चाहें बेंगलुरु जाते या लंदन, चुनाव हम ही जीतते
हालांकि बाद में धीरे से बताया- हमारे पास तेलंगाना से कागज आ रहा है। तेलंगाना में सरकार इनकी है। आप समझ सकते हैं कि हमें कांग्रेस के लोगों ने ही जानकारी दी होगी। कांग्रेस की अभी ये स्थिति है। ये चाहे बेंगलुरु ले जाएं या लंदन ले जाएं... चुनाव हम लोग ही जीतते। क्योंकि, देश की जनता को मोदी जी पर भरोसा है।
नटराजन का पर्चा खारिज होने पर क्या बोली कांग्रेस
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ न तो कोई प्राथमिकी दर्ज है और न ही कोई आरोप पत्र दाखिल किया गया है, इसके बावजूद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। वेणुगोपाल ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र बुनियादी हमला बताया और कहा कि आयोग से यदि उन्हें मिलने नहीं दिया जाता है तो वह सड़क पर ही धरना देते रहेंगे। धरने पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता आयोग के सामने बैठ गए। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह भाजपा की संविधान और लोकतंत्र के प्रति खोखली प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भाजपा हर स्तर पर किसी न किसी तरीके से 'वोट चोरी' करने पर आमादा है।
अगर कोर्ट से राहत नहीं मिली, तो जीत जाएंगे भाजपा के उम्मीदवार
कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन निरस्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा उतारे गए तीसरे उम्मीदवार महेश केवट के निर्वाचन की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यदि कांग्रेस को इस मामले में न्यायालय से राहत नहीं मिलती है और नामांकन बहाल नहीं होता, तो मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्वाचित होने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट के राज्यसभा पहुंचने की संभावना प्रबल मानी जा रही है।




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