इंदौर में दूषित पानी पीने से 7 की मौत, भाजपा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मानी गलती; क्या बोले?
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से दूषित पानी पीने के कारण 7 लोगों की मौत होनें की खबर सामने आई है। इस मामले में भाजपा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गलती मानी है। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा?

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से दूषित पानी पीने के कारण 7 लोगों की मौत होनें की खबर सामने आई है। इस मामले में भाजपा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों की गलती मानते हुए कहा- दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उनका पद कुछ भी हो। इसके साथ ही जानिए अधिकारी ने पानी के दूषित होने की क्या वजह बताई है?
हफ्ते में 7 लोगों की मौत, 1100 से ज्यादा बीमार
एनडीटीवी की रिपोर्ट में इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने देश के सबसे साफ शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में खराब पानी से बीमार पड़ने के बाद एक हफ्ते के अंदर अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में, भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त फैलने से 1100 से ज़्यादा लोग किसी न किसी तरह से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 111 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
गलती हुई है, लेकिन बेहतर है कि...
खराब पीने के पानी की घटना के बारे में पूछे जाने पर, मध्य प्रदेश विधानसभा मामलों के मंत्री ने रिपोर्टरों से कहा, "मुझे लगता है कि गलती हुई है, लेकिन बेहतर होगा कि हम पहले यह पक्का करें कि सभी मरीज ठीक हो जाएं। अभी इस पर चर्चा करने के बजाय एक पॉजिटिव माहौल बनाएं।" उन्होंने कहा कि गंदे पीने के पानी की घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, भले ही संबंधित अधिकारी बहुत ऊँचे पद पर क्यों न हो।
कुछ मौतों को बताया नेचुरल
गंदे पानी से हुई मौतों की संख्या पर विजयवर्गीय ने कहा, "मैं अभी इस पर कोई कमेंट नहीं करूँगा, क्योंकि कुछ लोगों की मौत नेचुरल हुई है, जबकि कुछ मौतें इस घटना में भी हुई हैं। इसलिए डॉक्टरों और एडमिनिस्ट्रेशन की जाँच के बाद, हम आँकड़े शेयर करेंगे।" उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा इलाके में चार एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ की अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं।

इस वजह से पानी हुआ दूषित?
इस मामले में नगर निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव ने बताया- भागीरथपुरा में मेन वॉटर सप्लाई पाइपलाइन में एक जगह लीकेज का पता चला, जिसके ऊपर एक टॉयलेट बना हुआ था। शायद इसी लीकेज की वजह से पानी गंदा हो गया था। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के बाद, नगर निगम के एक जोनल ऑफिसर और एक असिस्टेंट इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक इंचार्ज सब-इंजीनियर की सर्विस खत्म कर दी गई हैं।




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