मध्य प्रदेश में शिया समुदाय नहीं मनाएगा ईद का जश्न; खामेनेई की याद में ऐसे होगी इबादत
ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन से दुखी होकर एमपी का शिया समुदाय इस साल ईद-उल-फितर बहुत सादगी से मनाएगा। भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत कई शहरों में शिया समुदाय के इस ऐलान का प्रभाव देखा जाएगा।

मध्य प्रदेश के शिया समुदाय ने इस साल ईद-उल-फितर का जश्न नहीं मनाने का फैसला किया है। यह निर्णय ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक हमले में हुई मृत्यु के शोक में लिया गया है। ऑल इंडिया शिया समाज के अनुसार, मध्य प्रदेश के लगभग 4,000 शिया परिवार इस बार न तो नए कपड़े पहनेंगे और ना ही पारंपरिक जश्न मनाएंगे। समुदाय के लोग सादगी से ईद की नमाज अदा करेंगे। समुदाय के लोग कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे।
सादगी से मनाएंगे ईद
ऑल इंडिया शिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष इफ्तिखार अली ने बताया कि मध्य प्रदेश में शिया परिवार इस साल ईद-उल-फितर सादगी से मनाएंगे। यह ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि होगी जिनकी इजराइल और अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इस साल हमारे लिए ईद खामोशी भरी होगी।
नए कपड़े नहीं पहनेंगे
ऑल इंडिया शिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष इफ्तिखार अली ने कहा कि मध्य प्रदेश में करीब 4,000 शिया परिवार रहते हैं। हम इस साल नए कपड़े नहीं पहनेंगे और न ही ईद का जश्न मनाएंगे क्योंकि हम खामेनेई की मौत से दुखी हैं। हम सिर्फ नमाज अदा करेंगे। समुदाय कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करेगा वरन चांद दिखने पर एक सादगी भरी ईद मनाएगा।
इन जिलों में रहती है शिया आबादी
शिया आबादी मुख्य रूप से भोपाल, जबलपुर, इंदौर, विदिशा, उज्जैन, बुरहानपुर, नर्मदापुरम और रतलाम जिले में रहती है। ईद-उल-फितर रमजान के महीने के खत्म होने का प्रतीक है। यह इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसकी शुरुआत सामूहिक नमाज से होती है जिसके बाद रिश्तेदारों से मिलना-जुलना, तोहफे देना और साथ मिलकर खाना खाना शामिल है।
ईरान बोला- उसके नए नेता पूरी तरह स्वस्थ
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा है कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। अब्बास अराघची ने साफ किया है कि सर्वोच्च नेता पूरी मजबूती के साथ देश का प्रबंधन संभाल रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब नियुक्ति के एक हफ्ते बाद भी सार्वजनिक रूप से नहीं दिखने के कारण उनके स्वास्थ्य पर सवाल उठाए जा रहे थे।
ईरानी सरकार और सेना में मतभेद नहीं
अमेरिका और इजराइल के हमले में 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की घोषणा 1 मार्च को ईरान के सरकारी टेलीविजन पर की गई थी। इसके बाद सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई को चुना गया था। हालांकि सर्वोच्च नेता चुने जाने के बाद से अयातुल्ला अली खामेनेई को ना तो देखा गया और ना ही सुना गया है। अब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि ईरान पूरी तरह स्थिर है। सरकार या सेना में कोई मतभेद नहीं है।




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