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संसद में इंदौर में दूषित पानी के मामले पर सवाल, राज्य सभा में क्या मिला जवाब?

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का मुद्दा संसद में भी गूंजा है। राज्यसभा में इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया था जिसका केंद्र सरकार की ओर से जवाब दिया गया है। इसमें क्या बातें बताई गई हैं। इस रिपोर्ट में जानें…

Tue, 3 Feb 2026 01:01 AMKrishna Bihari Singh पीटीआई, नई दिल्ली
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संसद में इंदौर में दूषित पानी के मामले पर सवाल, राज्य सभा में क्या मिला जवाब?

केंद्र सरकार ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मामले का संज्ञान लिया है। सोमवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब के दौरान यह जानकारी दी गई। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री टोखन साहू ने एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि भागीरथपुरा में 1997 की पुरानी पाइपलाइनें हैं। इनमें से कुछ पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं। नगर निगम ने इन पुराने हिस्सों की पहचान कर ली है। इनको अमृत-2 योजना में शामिल किया गया है।

इंदौर की जलापूर्ति के लिए चार पैकेज

मंत्री टोखन साहू ने बताया कि इंदौर नगर निगम ने अमृत-2 के तहत इंदौर शहर की जल आपूर्ति के लिए चार पैकेज की निविदाएं निकाली हैं। इनमें से पहले पैकेज का काम शुरू हो गया है। इस योजना में पूरी जल आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ पुरानी प्रणाली की मरम्मत और उसे आधुनिक बनाना भी शामिल है।

पूरी वॉटर सप्लाई होगी कवर

पहला पैकेज पूरी जल आपूर्ति श्रृंखला को कवर करता है। पैकेज-1 में जल स्रोत का विकास, शोधन, परिवहन, भंडारण और पूरे शहर में वितरण शामिल है। सभी पैकेजों में इंदौर शहर के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम इंटीग्रेशनए कमीशनिंग और लंबे समय तक संचालन और मेंटिनेंस के काम शामिल हैं।

एसओपी किए हैं जारी

मंत्री ने कहा कि पानी राज्य का विषय है और केंद्र सरकार सलाह और इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग के माध्यम से राज्यों की मदद करती है। मध्य प्रदेश सरकार ने बताया है कि पानी के दूषित होने से बचने के लिए शहरी स्थानीय निकायों को एसओपी जारी किए गए हैं। अब तक लगभग 14,181 लीकेज का पता चला है जिनमें से 12,634 लीकेज की मरम्मत की जा चुकी है।

588 जगहों पर ऐक्शन

जवाब में यह भी बताया गया कि मध्य प्रदेश में 3,298 ओवरहेड टैंकों में से 3,109 को साफ किया गया है। इसी तरह 21,215 ट्यूबवेल में से 179 प्रदूषित पाए गए और 86 ट्यूबवेल इस्तेमाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाती है। 80,976 सैंपल में से कुल 656 पानी के सैंपल फेल पाए गए। यही नहीं 588 जगहों पर प्रदूषण पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

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अमृत योजना के तहत हो रहा काम

यह भी बताया गया कि अमृत योजना के तहत इंदौर शहर के लिए 541 करोड़ रुपये की तीन पीने के पानी की सप्लाई योजनाएं और 278 करोड़ रुपये की दो सीवरेज योजनाएं लागू की गईं। अमृत 2.0 के तहत 1,142 करोड़ रुपये की दो पानी की सप्लाई योजनाएं और 534 करोड़ रुपये की चार सीवरेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। नगर निगम द्वारा 1,121.54 करोड़ रुपये की दो पानी की सप्लाई योजनाएं लागू की जा रही हैं।

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