इंदौर कांड में नए खुलासे; दरिंदगी के बाद गर्लफ्रेंड की बहन को पीयूष ने किया था मैसेज, हत्या से पहले आईसक्रीम पर भी झगड़ा
इंदौर के द्वारकापुरी में एमबीए स्टूडेंट की हत्या में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी पीयूष ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसने गर्लफ्रेंड को मैगी बनाकर खिलाई थी और आइसक्रीम भी लेकर आया था।

इंदौर के द्वारकापुरी में एमबीए स्टूडेंट की हत्या में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। आरोपी पीयूष ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसने गर्लफ्रेंड को मैगी बनाकर खिलाई थी और आइसक्रीम भी लेकर आया था। लेकिन उसने आइसक्रीम खाने से मना कर दिया था इसको लेकर भी उनके बीच बहस हुई थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी ने हत्या और शव के साथ दरिंदगी के बाद पीड़िता के मोबाइल से उसकी बहन को मैसेज किया था, 'पापा से कह देना मैं नहीं आऊंगी।'
बहन से कहा था- बर्थडे पार्टी में जा रही, शाम को आया मैसेज- अब नहीं आऊंगी
पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद बताया कि 10 फरवरी को लड़की को पिता ने कलेक्टर ऑफिस के पास छोड़ा था। उसने पिता से कहा था कि आधार कार्ड अपडेट करवाने जा रही है। लेकिन पिता के जाने के बाद लड़की ने बहन को फोन कर बताया था कि वह अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी में जा रही है। इसके बाद वह पीयूष के साथ अंकल वाली गली में उसके किराये के घर में गई। वहां उसके साथ खौफनाक घटना को अंजाम दिया गया। रात को आरोपी ने पीड़िता के मोबाइल से उसकी बहन को मैसेज करते हुए लिखा- पापा से कह देना कि अब मैं नहीं आऊंगी। यह पढ़कर बहन ने पिता को मैसेज दिखाया। घर नहीं लौटी बेटी को लेकर चिंतित परिवार और अधिक परेशान हो गया। उन्होंने बेटी की दोस्तों और परिजनों से संपर्क किया। लेकिन कहीं पता नहीं लगने पर पंडरीनाथ थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कारवाई।
कमरे में आइसक्रीम खाने की बात पर हुआ था विवाद
आरोपी पीयूष ने पुलिस पूछताछ में लड़की से मुलाकात से लेकर मुंबई भागने तक के घटनाक्रम का खुलासा किया। आरोपी ने बताया कि 10 तारीख को जब प्रेमिका को कमरे पर लेकर गया तो उसे पता चला कि वह भूखी है। उसने कुछ खाया नहीं था। उसने प्रेमिका को अपने हाथ से बनाकर मैगी खिलाई। वह उसके लिए आइसक्रीम भी लेकर आया था। लेकिन उसने इसे खाने से इनकार कर दिया था। आइसक्रीम को लेकर उनके बीच कुछ कहासुनी हुई थी। फिर जब उसने संबंध बनाने की कोशिश की और पीड़िता ने मना किया तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस दौरान उसने लड़की को गिफ्ट देने के बहाने उसकी आंख पर पट्टी बांध दी और फिर उसके हाथ पैर भी बांध दिए। बेबस हो चुकी लड़की के मुंह में कपड़ा ठूंसकर दरिंदगी की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद भी वह लाश के साथ हवस मिटाता रहा। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि आरोपी ने कुछ दवाओं की हाईडोज ली थी, जिसकी वजह से हत्या के बाद भी वह दरिंदगी करता रहा।
हमले के डर से कोर्ट नहीं ले गई पुलिस
रेप और हत्या के आरोपी पीयूष की बुधवार को रिमांड खत्म हो गई। उसे अदालत में पेश किया जाना था। लेकिन संभावित विरोध और हमले की आशंका के चलते पुलिस उसे जिला कोर्ट परिसर तक नहीं लेकर पहुंची। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आरोपी की पेशी जज के बंगले पर करवाई गई। उसे न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
अहम सबूत जुटी चुकी पुलिस, और रिमांड की मांग नहीं
पेशी के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजते हुए सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है और उससे कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए जा चुके हैं। पूछताछ पूरी होने के कारण पुलिस ने आगे रिमांड की मांग नहीं की। द्वारकापुरी थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी के पास से खून से सने कपड़े, चाबी, मोबाइल फोन और लिखित कबूलनामा बरामद किया गया है।
परिजनों के बयान दर्ज, आरोपी करता था शक
जांच के दौरान पुलिस ने छात्रा के माता-पिता और बहन के बयान दर्ज किए। बहन ने बताया कि पिछले छह महीनों से छात्रा और पीयूष के बीच दोस्ती थी। आरोपी स्वभाव से शक करने वाला था और छात्रा पर दोस्तों से दूरी बनाने का दबाव डालता था। छात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी सहेलियों से बातचीत करती थी, जिस पर आरोपी आपत्ति जताता था। गुस्से में उसने छात्रा का मोबाइल भी तोड़ दिया था। फोन का एक्सेस भी आरोपी के पास था और वह उसकी निजी चैटिंग पढ़ता रहता था।
रिपोर्ट- हेमंत




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