हम दोनों अच्छे से…; गर्लफ्रेंड की हत्या और हवस मिटाने के बाद पीयूष ने क्या लिखा
इंदौर में एमबीए स्टूडेंट की सनसनीखेज हत्याकांड में अब एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोपी पीयूष का लिखा आखिरी लेटर सामने आया है, जिसे उसने गर्लफ्रेंड की हत्या और उसके साथ हैवानियत करने के बाद लिखा।

इंदौर में एमबीए स्टूडेंट की सनसनीखेज हत्याकांड में अब एक नया और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोपी पीयूष का लिखा आखिरी लेटर सामने आया है, जिसे उसने गर्लफ्रेंड की हत्या और उसके साथ हैवानियत करने के बाद लिखा। इसमें उसने बताया है कि किस तरह दोनों नजदीक आ गए थे, लेकिन उसके परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। हालांकि, इसमें उसने यह नहीं लिखा है कि क्यों उसने इस तरह का खौफनाक कदम उठाया।
10 फरवरी को इंदौर के द्वारकापुरी की अंकल गली में उस वक्ति सनसनी फैल गई थी जब एक कमरे से दुर्गंध निकलने के बाद नग्न हालत में 25 साल की एक लड़की की लाश बरामद की गई। हत्या करके फरार हुए आरोपी पीयूष को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ के दौरान पीयूष ने जो लिखित कबूलनामा दिया, उसने पूरे घटनाक्रम को और रहस्यमय बना दिया है। उसके शब्दों से एक तरफ प्यार का दावा झलकता है तो दूसरी ओर क्रूरता की पराकाष्ठा दिखाई देती है। यही विरोधाभास अब जांच का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
पीयूष ने हत्या के बाद एक तरफ जहां गर्लफ्रेंड के मोबाइल से उसकी बहन को एक मैसेज भेजा तो एक लेटर लिखकर भी पीड़िता के पर्स में डाल गया। इसमें उसने हत्या की बात तो कबूल की है, लेकिन वजह का खुलासा नहीं किया है। इसके अलावा उसने आखिरी बार मिलने की बात भी लिखी है। गौरतलब है कि मुंबई में पीड़िता की आत्मा से मुलाकात के लिए कुछ तंत्र-मंत्र भी किए थे। उसने यूट्यूब पर यह सर्च किया था कि आत्मा को वापस कैसे बुलाया जा सकता है।
पीयूष ने लेटर में क्या लिखा
पीयूष ने लेटर में लिखा, 'मैंने अपनी प्रेमिका को मार दिया। क्या प्यार करना गलत है? हम दोनों बहुत अच्छे से रहते थे। हमारे प्यार की शुरुआत कॉलेज से हुई थी। जब हम कॉलेज में थे, तब हमारी नजदीकियां कई लोगों को बुरी लगती थीं। हमारी क्लास के लोग हमसे नफरत करने लगे थे। हम अपने करियर को बेहतर बनाने के लिए कड़ी मेहनत और पढ़ाई कर रहे थे। हमने फर्स्ट ईयर के पेपर भी अच्छे से दिए थे।'
परिवार को मंजूर नहीं था रिश्ता
पीयूष के पिता ने लाइव हिन्दुस्तान से बातचीत में दावा किया था कि उन्हें जनवरी में जब बेटे के प्रेम संबंध के बारे में पता चला तो उन्होंने दोनों से बात करके समझाया था कि पहले पढ़ाई कर लो फिर शादी भी कराने में उन्हें ऐतराज नहीं। हालांकि, पीयूष ने लेटर में कहा है कि परिवार को उसका रिश्ता मंजूर नहीं था। पीयूष ने लिखा, 'जब मैं घर गया था तो मैंने हमारे रिश्ते के बारे में सबको बता दिया था, लेकिन उन्होंने इस रिश्ते से इनकार कर दिया। मैं उससे आखिरी बार मिलना चाहता हूं।' लेटर के आखिरी पेज पर पीयूष ने एक दिल का निशान बनाते हुए अपना और युवती का नाम भी लिखा था, जिसने पूरे मामले को और भावनात्मक तथा रहस्यमय बना दिया।
कबूलनामे ने बढ़ाए सवाल, जवाब अब भी अधूरे
पीयूष के कबूलनामे में लिखी बातों से यह जरूर प्रतीत होता है कि वह युवती से प्रेम करने का दावा कर रहा था, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा कौन-सा गुस्सा, अस्वीकार या मानसिक उन्माद था जिसने उसे दरिंदगी की हद पार करने पर मजबूर कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले युवती का गला घोंटकर उसकी हत्या की। इसके बाद वह कमरे में ताला लगाकर बाहर चला गया। कुछ देर बाद शराब पीकर वापस लौटा और मृत युवती पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। पीयूष ने कबूल किया कि लड़की की हत्या से पहले और बाद में उसने उसके साथ अपनी हवस मिटाई थी। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया था कि आरोपी ने वारदात से पहले शक्तिवर्धक दवाओं का हाईडोज लिया था, जिसकी वजह से वह हत्या के बाद भी शव के साथ गंदी हरकतें करता रहा।
रिपोर्ट- हेमंत




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