सालभर में 19वीं बार उधारी लेने पर भड़के पटवारी, बोले- मोहन सरकार की राजनीतिक अय्याशी की कीमत..
जीतू पटवारी ने कहा, 'राज्य में किसानों की आय लगातार कम हो रही है। गेहूं के सौदे की वजह से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है, और इसकी समीक्षा भी जरूर होना चाहिए।’

मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि अगर कर्ज की कोई नदी होती, तो प्रदेश की मोहन सरकार उसमें डुबकी लगाती। पटवारी ने यह आरोप इसलिए लगाया है, क्योंकि राज्य सरकार मंगलवार (10 मार्च) को एकबार फिर कर्ज लेने जा रही है और इस बार उधारी की यह रकम 5 हजार 800 करोड़ रुपए है। खास बात यह है कि इस वित्तीय वर्ष में सरकार अबतक पहले ही 18 बार कर्ज ले चुकी है, वहीं नए कर्ज को मिलाकर यह 19वीं उधारी है। इसी बात को लेकर पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जताई और कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को इकोनॉमी का ई भी नहीं पता है।
'शुरुआत भी कर्ज से हुई और अंत भी कर्ज से हो रहा'
इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए पटवारी ने लिखा, 'एक और नया दिन, एक और नया कर्ज। अगर कर्ज की कोई नदी होती, तो मोहन सरकार सुबह शाम उसमें डुबकी लगाती। 10 मार्च यानी आज फिर मोहन यादव जी 5800 करोड़ का कर्ज लेने जा रहे हैं। यानी वित्तीय साल की शुरुआत भी कर्ज से हुई और साल का अंत भी कर्ज से हो रहा है।'
'मोहन सरकार की राजनीतिक अय्याशी…'
मोहन सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आगे लिखा, 'आखिर मोहन सरकार की राजनीतिक अय्याशी की कीमत कब तक मध्य प्रदेश चुकाएगा? साफ है कि मुख्यमंत्री जी को Economy का E भी नहीं पता, जिसके चलते पूरा मध्य प्रदेश आज कर्ज के दलदल में धंसता जा रहा है।' वहीं पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव से लेकर प्रदेश के मंत्री, नेता, MLA और MP तक, सब लूट में लगे हुए हैं, और इसकी भी समीक्षा होनी चाहिए, इस पर भी श्वेत पत्र की जरूरत है। राज्य में किसानों की आय लगातार कम हो रही है। गेहूं के सौदे की वजह से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है, और इसकी समीक्षा भी जरूर होना चाहिए।’
सरकार इस साल ले चुकी 85 हजार करोड़ की रकम
राज्य सरकार 10 मार्च को 5 हजार 800 करोड़ रुपए का जो नया कर्ज ले रही है, वह उसे1900 करोड़, 1700 करोड़ और 2200 करोड़ रुपए की तीन अलग-अलग किश्तों में मिलेगा। जिसके बाद इस वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुल कर्ज की रकम 85 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच जाएगी। इसके साथ ही राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 66 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगा। आरबीआई के तय शेड्यूल के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में लिया जाने वाला यह आखिरी कर्ज होगा। सरकार नए साल में जनवरी से अब तक कुल 5 बार कर्ज ले चुकी है।
12 महीने में सरकार ने 19वीं बार लिया उधार
इस वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश ने मई महीने में ढाई-ढाई हजार करोड़ के दो अलग-अलग कर्ज लिए थे। इसके बाद लगातार कर्ज लेते हुए मार्च के पहले हफ्ते तक 18 बार कर्ज लिए जा चुके हैं। जिनकी कुल राशि 79 हजार 200 करोड़ हो चुकी है। अब 5800 करोड़ के तीन नए कर्जों से ये राशि बढ़कर 85 हजार करोड हो जाएगी। 31 मार्च 2025 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में मध्य प्रदेश का कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ रुपए था।
कई राज्य ले रहे इस तरह की उधारी
वैसे इस तरह की उधारी अकेले मध्य प्रदेश सरकार नहीं ले रही है, बल्कि कई राज्य आरबीआई के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी बॉन्ड की नीलामी कर कर्ज ले रहे हैं। इस दौरान इस तरह की नीलामी करते हुए अलग-अलग राज्य 45 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि का कर्ज लेंगे। इस नीलामी में कर्नाटक 10 हजार करोड़ और तमिलनाडु 8 हजार करोड़ रुपए की उधारी लेगा।




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