dhar bhojshala case vishnu shankar jain says illegal encroachments occurred after 1935 भोजशाला मामले में विष्णु शंकर जैन की दलील; 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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भोजशाला मामले में विष्णु शंकर जैन की दलील; 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में इंदौर हाईकोर्ट में सोमवार को जोरदार बहस हुई। हिंदू पक्ष ने इसे पुरानी धरोहर बताते हुए 1935 के बाद हुए अवैध कब्जों का दावा किया। यही नहीं एएसआई रिपोर्ट भी पेश की। अदालत ने अब रोजाना सुनवाई का फैसला किया है।

Mon, 6 April 2026 06:36 PMKrishna Bihari Singh लाइव हिन्दुस्तान, इंदौर
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भोजशाला मामले में विष्णु शंकर जैन की दलील; 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे

धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सोमवार को सुनवाई हुई। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे 10वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए दावा किया कि 1935 के बाद यहां अवैध गतिविधियां शुरू हुईं। उन्होंने एएसआई सर्वे और स्तंभों की मूर्तिकला को साक्ष्य के रूप में पेश किया। अदालत ने कहा है कि वह मामले की नियमित सुनवाई करेगी। सभी पक्षों को विस्तार से सुना जाएगा। मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

हिंदू पक्ष ने 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताया

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखते हुए भोजशाला को 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर बताया। इसके पक्ष में उनकी ओर से कई तर्क पेश किए गए। विष्णु शंकर जैन ने 1935 में लगाए गए एक अहम बोर्ड का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय परिसर के ऐतिहासिक तथ्यों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया था।

1935 के बाद से हुई विवादित गतिविधियों की शुरुआत

विष्णु शंकर जैन ने दावा किया कि सन 1935 के बाद से इस परिसर पर अवैध कब्जों और विवादित गतिविधियों की शुरुआत हुई। इन विवादित गतिविधियों ने विवाद को जन्म दिया। समूचा विवाद 1935 के बाद के बाद का है। विष्णु शंकर जैन ने एएसआई की सर्वे रिपोर्टों को भी अदालत के सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने स्तंभों पर उकेरी गई मूर्तिकला और ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए।

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अदालत की दो-टूक, सभी पक्षों को देंगे पूरा मौका

हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। अत: इसमें सभी पक्षों को सुना जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और हर पक्ष को अपनी दलीलें रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।

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1935 से पहले भी होती थी पूजा

महाराजा भोज सेवा संस्थान की ओर से हाईकोर्ट वकील श्रीष दुबे ने बताया कि सोमवार से इंदौर बेंच में फाइनल सुनवाई की शुरुआत हुई है। विष्णु शंकर जैन की ओर से दोपहर ढाई बजे से साढ़े जार बजे तक बहस चली है। यह बहस कल फिर ढाई बजे से शुरू होगी। विष्णु शंकर जैन की बहस अभी बाकी है यह कल भी चलेगी। विष्णु शंकर जैन की ओर से पिटिशन के पक्ष में दलीलें रखी गईं। हिंदू पक्ष की ओर से बताया गया है कि यहां 1935 से पहले भी पूजा होती थी।

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रिपोर्ट- हेमंत

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