भारत में चीतों का कुनबा हुआ मजबूत; बोत्सवाना से कूनो आए 9 नए मेहमान, 48 हुई संख्या
भारत में अफ्रीकी चीतों का कुनबा अब तेजी से बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में आज एक बार फिर चीता प्रोजेक्ट का एक ऐतिहासिक दिन है। दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से 9 चीते कूनो नेशनल पार्क में लैंड कर चुके हैं।

भारत में अफ्रीकी चीतों का कुनबा अब तेजी से बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में आज एक बार फिर चीता प्रोजेक्ट का एक ऐतिहासिक दिन है। दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से 9 चीते कूनो नेशनल पार्क में लैंड कर चुके हैं। यह चीते लगभग 12 घंटे की हवाई यात्रा कर ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे, फिर ग्वालियर से एयरफोर्स के तीन हेलीकॉप्टर उड़ान भरकर कूनो की धरती पर पहुंचे। चीतों की इस नई खेप के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या 39 से बढ़कर 48 हो गई है।
नई खेप में 6 मादा और 3 नर चीते
चीतों के आगमन पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव कूनो में मौजूद रहे। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से क्रेट का हैंडल घुमाकर एक-एक करके चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ा। नई खेप में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि इससे कूनो में चीतों का लिंगानुपात बेहतर होगा और भविष्य में इनकी प्रजनन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, केन्द्रीय मंत्री सुबह 7.30 बजे नई दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होकर सुबह 8.30 बजे ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट पहुंचे।यहां से 8.50 बजे ग्वालियर से हेलिकॉप्टर की मदद से कूनो नेशनल पार्क के लिए प्रस्थान किया। सुबह 9:30 बजे कूनो स्थित हेलिपैड पहुंचे। यहां बोत्सवाना से लाए जा रहे चीतों को कूनो पार्क में रिलीज किया।
सभी 9 चीतों को एक महीने विशेष क्वारंटीन बाड़ों में रखा जाएगा
नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के बाद अब बोत्सवाना के चीतों के आने से कूनो में जेनेटिक विविधता और मजबूत होगी। कूनो में अब 18 मादा और 16 नर (वयस्क) चीते हो गए हैं।सभी 9 चीतों को अभी एक महीने तक विशेष क्वारंटीन बाड़ों में विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाएगा। संरक्षण विशेषज्ञों के अनुसार, तीन अलग-अलग देशों के चीतों का संगम इस प्रोजेक्ट की सफलता के लिए एक निर्णायक चरण साबित होगा।
10 दिन पहले गामिनी ने दिया था 4 शावकों को जन्म
कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता को सफलता की कहानी और सुनहरी हो गई है। गामिनी ने 18 फरवरी को तीन नहीं बल्कि चार शावकों को जन्म दिया था। मॉनिटरिंग टीम पशु चिकित्सकों ने निगरानी की तो चौथा शावक भी दिखा। यह गामिनी का दूसरा मौका है, जब उसने परियोजना को नई ताकत दी है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर शावक की जानकारी शेयर की थी। आपको बता दें 17 सितंबर साल 2022 को नामीबिया से 8 चीते आए थे तो वही 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत की सर जमीन पर उतरे थे।
रिपोर्ट : अमित कुमार




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