नजर ना लगे; भारत में तेजी से बढ़ रहे चीते, 10 दिन में 8 का जन्म; अब कितने
भारत का वातावरण अब अफ्रीकी चीतों को सुहाने लगा है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने आज तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह खुशखबरी दक्षिण अफ्रीकी चीतों के भारत आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के दिन सामने आई है।

भारत का वातावरण अब अफ्रीकी चीतों को सुहाने लगा है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने आज तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह खुशखबरी दक्षिण अफ्रीकी चीतों के भारत आगमन के तीन वर्ष पूरे होने के दिन सामने आई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को भारत के ऐतिहासिक संरक्षण अभियान की बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि यह 'प्रोजेक्ट चीता' के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
भारत में चीतों की कुल आबादी बढ़कर 38 तक पहुंची
भारत आने के बाद गामिनी दूसरी बार मां बनी है और यह भारतीय धरती पर चीतों का नौवां सफल प्रसव है। इन नए शावकों के जन्म के साथ, भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। इसके साथ ही अब देश में चीतों की कुल आबादी 38 तक पहुंच गई है। बता दें कि, बीते 10 दिन में यह दूसरा प्रसव है, जिनमें 8 शावकों ने जन्म लिया है। इससे पहले 7 फरवरी को भी कूनो नेशनल पार्क में चीता परिवार में 5 शावकों का जन्म हुआ था।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक नया जन्म 'प्रोजेक्ट चीता' को मजबूती प्रदान कर रहा है।फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी और समर्पण से यह सपना साकार हो रहा है, जो चीता पुनरुद्धार परियोजना की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
सीएम मोहन यादव ने वीडियो शेयर कर जताई खुशी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ''चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र मध्यप्रदेश… अत्यंत हर्ष का विषय है कि प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता ‘गामिनी’ ने 3 शावकों को जन्म दिया है। श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ यह 9वां सफल प्रसव है। भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्य जीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।''
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती आबादी उनकी सतत निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन और अथक परिश्रम के कारण यह संभव हो सकी है। कूनो में हो रहा यह सकारात्मक विकास भारत की जैव-विविधता संरक्षण यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।
रिपोर्ट : अमित कुमार




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