‘ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण मिले’- रिटायर्ड IAS नियाज खान की दलील
उन्होंने लिखा- इन्हें हर योजना में आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। नियाज खान मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। वो अपनी किताबों और बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं।

रिटायर्ड IAS अधिकारी नियाज खान ने अपने एक्स अकाउंट पर किए गए ट्वीट में ब्राह्मणों को आरक्षण देने की बात कही है। उन्होंने लिखा- इन्हें हर योजना में आबादी के हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। नियाज खान मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। वो अपनी किताबों और बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं।
ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण मिले
नियाज खान ने एक्स पर लिखा- “ब्राह्मण सनातन धर्म के हज़ारों सालों से संरक्षक रहे हैं। इसलिए इनका सर्वांगीण विकास आवश्यक है। इन्हें आबादी अनुसार आरक्षण दिया जाना चाहिए। हर योजनाओं में आरक्षण मिले। ब्राह्मण मजबूत होगा, तो देश मज़बूत होगा। धर्म और आध्यात्म मज़बूत होगा। आरक्षण देने पर गंभीरता से विचार ज़रूरी है।”
लोगों की मिली जुली प्रतिक्रिया
नियाज खान के इस ट्वीट पर सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ लोग इस बयान को नकारात्मक मान रहे हैं, तो वहीं कुछ इसे सही। यह पहली बार नहीं है कि नियाज खान अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में आए हैं। वो इससे पहले भी कई बयान दे चुके हैं, जिसकी चर्चाएं होती रहती हैं।
हिंदू से मुसलमान बने हैं
वे ब्राह्मण द ग्रेट और वॉर ऑफ कलियुग जैसी किताबें भी लिख चुके हैं। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम को लेकर दिए गए बयान में पहले कहा था- भारत में हिंदू से लोगों को मुसलमान बनाया गया है। इस आधार पर उन्होंने हिंदू और मुस्लिम धर्म को एक ही संस्कृति का हिस्सा बताया था। उस समय भी वो काफी वायरल हो गए थे।
इससे पहले उन्होंने ब्राह्मणों की बुद्धिमत्ता और उनके योगदान की प्रशंसा की थी। नियाज खान मुसलमानों को 'शाकाहारी' बनने और गो-रक्षकों से विवाद न करने की सलाह दे चुके हैं। उन्होंने अपनी चर्चित किताबों के जरिए कई सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं।




साइन इन