बैंड, बाजा और अर्थी! अंतिम यात्रा में जमकर नाचा दोस्त; देखते रह गए सब लोग- VIDEO
अंतिम यात्रा में लोग मूकदर्शक बने खड़े हुए हैं और लाल शर्ट पहने एक आदमी दिल खोलकर झूमता हुआ दिखाई देता है। दरअसल नाचने वाले व्यक्ति का नाम अंबालाल प्रजापत है। वह अपने दोस्त सोहनलाल जैन की अर्थी के आगे नाचते हुए चल रहे हैं। वजह, दोस्त की अंतिम इच्छा पूरी करनी है।

दिल, दोस्ती और डांस। इन्हीं शब्दों को बयां करता हुआ एक वाक्या मध्य प्रदेश के मंदसौर में हुआ है। यहां एक शख्स द्वारा अर्थी के आगे बैंड, बाजा लेकर नाचने का वीडियो सामने आया है। अंतिम यात्रा में लोग मूकदर्शक बने खड़े हुए हैं और लाल शर्ट पहने एक आदमी दिल खोलकर झूमता हुआ दिखाई देता है। दरअसल नाचने वाले व्यक्ति का नाम अंबालाल प्रजापत है। वह अपने दोस्त सोहनलाल जैन की अर्थी के आगे नाचते हुए चल रहे हैं। वजह, दोस्त की अंतिम इच्छा पूरी करनी है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दोस्त की अंतिम इच्छा
अर्थी के आगे-आगे नाचने का यह मामला मंदसौर जिले के ग्राम जवासिया का मामला है। मृतक सोहनलाल जैन आरती की अर्थी के आगे नाचने वाले मित्र का नाम अंबालाल प्रजापत है। दोनों की दोस्ती चाय की दुकान पर हुई थी। इसके बाद दोनों एक दूसरे के सुख-दुख के साथी बन गए। मृतक सोहनलाल जैन की आखिरी इच्छा थी की उसकी अर्थी के आगे उसका दोस्त नाचता हुआ चले। सोहनलाल का लिखा एक पत्र भी मिला है, जिसमे जैन ने लिखा था, "मुझसे जाने-अनजाने में गलती हुई हो तो क्षमा करना।" इस पत्र में उन्होंने अपने मित्र को आखिरी बार 'राम-राम' भी कहा था।
लोगों ने मना किया, लेकिन...
सोहनलाल जैन की 30 जुलाई को मौत हो गई। वो कैंसर से पीड़ित थे। मौत होने के बाद गम का माहौल बना, लेकिन एक दोस्त को अपने दोस्त की आखिरी इच्छा ध्यान थी। उसने डीजे बुलवाया और अर्थी के आगे नाचते हुए चक्रतीर्थ तक पहुंचे। उनके इस कार्य को गांव वालों ने मना भी किया, लेकिन दोस्त की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने डीजे बजवाकर अंतिम यात्रा में डांस किया। इस दौरान वहां मौजूद लोग मूकदर्शक होकर ये नजारा देखते नजर आए।
मन में पीड़ा बहुत है, लेकिन…
अर्थी के आगे नाचने पर गांववालों ने अंबालाल को रोका, लेकिन वो नही माने ओर नाचना शुरू कर दिया। गांव के लोगों द्वारा मना करने के बावजूद वो नाचते रहे। प्रजापत ने कहा कि "यह मेरे दोस्त की अंतिम इच्छा थी।" उन्होंने नाचते वक्त कोई आंसू नहीं बहाया। उनका कहना था, "मन में पीड़ा बहुत है, लेकिन मैं उसे शब्दों में नहीं बता सकता।"
रिपोर्ट- विजेंद्र यादव




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